अनुमंडल प्रशासन की लापरवाही और करोड़ों रुपये से बनी नाली की पानी निकासी की खुली पोल
आम लोगों से ज्यादा मरीजों को हो रही है परेशानी, नगर पंचायत भी मौन
एबीएन न्यूज नेटवर्क, हुसैनाबाद/ पलामू। इन दिनों लगातार हो रही वर्षा से भले ही कोई आपदा या बाढ़ न आयी हो, लेकिन हुसैनाबाद अनुमंडल मुख्यालय पूरी तरह पानी की चपेट में डूब चुका है। अनुमंडल के दो सबसे बड़े संस्थान अनुमंडलीय अस्पताल और अनुमंडल कार्यालय पूरी तरह तालाब में तब्दील दिखाई पड़ रहे हैं।
जिससे आम जनता को अपने रोजमर्रा के कार्यों हेतु एसडीएम आॅफिस व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के कार्यालय में करीब दो फीट पानी में होकर जाना पड़ रहा है। वहीं जब एक संवाददाता अनुमंडल कार्यालय लगभग 3 बजे पहुंचे तो पूरा आफिस खाली मिला, हर कमरे में ताला लगा हुआ था। एक आॅपरेटर ने जानकारी दी कि साहब लोग सभी कर्मियों के साथ निर्वाचन एसआईआर के कार्य से निकले हैं।
जबकि अनुमंडल अस्पताल की स्थिति का आकलन किया गया तो पाया गया कि यहां तो बिजली आॅफिस व अनुमंडल आॅफिस की तरफ से पानी भरा हुआ है, वह भी करीब दो फुट, रास्ता बदल कर जाना पड़ रहा है। लेकिन अस्पताल में लोग किसी तरह कार्य कर ही रहे हैं, सबसे ज्यादा मुसीबत मरीजों और आम जनता को आने-जाने में हो रही है।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि पूर्व के वित्तीय वर्ष में अनुमंडल कार्यालय से लेकर कपूर्री ठाकुर खेल मैदान व अस्पताल की तरफ करोड़ों रुपयों की नाली योजना निकाली गई है और उसका कार्य भी कराया गया है, क्योंकि यह समस्या एक दिन की नहीं बल्कि कई वर्षों से बनी हुई है।
अब सवाल उठता है कि जिला प्रशासन समाहरणालय के बाद अनुमंडल का सबसे बड़ा कार्यालय कौन होता है, जहां अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, चिकित्सा उपाधीक्षक जैसे पदों पर विराजमान अधिकारी बैठते हैं, उस आफिस का अगर यह हाल है तो आप कल्पना कर सकते हैं कि अन्य विभागों में कनीय अधिकारी अपने कार्यों के प्रति कितने उत्तरदायी होंगे।
जनता अब यह समस्या किसके पास लेकर जायेगी। इस तस्वीर ने जहां नगर पंचायत हुसैनाबाद की पानी निकासी की पोल खोल दी है, वहीं सरकारी उदासीनता और स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जो विकास के सपने दिखा कर जनता से वोट लेते हैं, उनको भी आइना दिखा रही है कि जनता को सहारा देने वाले अधिकारी खुद भ्रष्टाचार से बनी घटिया योजनाओं और समस्याओं से घिरे हैं, अब जनता तो राम भरोसे है।