Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
लाइव: 35
होम देश झारखंड राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन
झारखंड

जयराम महतो की गिरफ्तारी की मांग, झारखंड पुलिस एसोसिएशन की एटीएस शाखा ने जताया विरोध

शेयर करें: WhatsApp Facebook X Back to ePaper
जयराम महतो की गिरफ्तारी की मांग, झारखंड पुलिस एसोसिएशन की एटीएस शाखा ने जताया विरोध
विज्ञापन

टीम एबीएन, रांची। झारखंड पुलिस एसोसिएशन की एटीएस शाखा ने डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो की गिरफ्तारी की मांग की है। एसोसिएशन का आरोप है कि विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ धनबाद के बरवड्डा थाना में दर्ज मामले में पुलिस अधिकारियों के साथ गाली-गलौज, अमर्यादित व्यवहार और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप हैं। 

थाना प्रभारी से फोन पर विवाद का आरोप

एसोसिएशन के अनुसार, 21 अगस्त 2026 को विधायक जयराम कुमार महतो पर बरवड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के साथ फोन पर कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगा। इसके बाद देर रात विधायक अपने समर्थकों के साथ बरवड्डा थाना पहुंचे। 

आरोप है कि थाना परिसर में भी थाना प्रभारी के कार्यालय कक्ष में अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। इस दौरान टेबल पर रखे सामानों को अस्त-व्यस्त करने और थाना प्रभारी की नेम प्लेट तोड़ने का भी आरोप लगाया गया। मामले में बरवड्डा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। 

कानूनी प्रक्रिया पूरी कर गिरफ्तारी की मांग 

झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाएं जल्द पूरी कर विधायक और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग की है। एटीएस शाखा ने एसोसिएशन की इस मांग का समर्थन किया है। 

एसोसिएशन ने यह भी कहा है कि यदि मामले को लेकर संगठन की ओर से लोकतांत्रिक या संगठनात्मक आंदोलन का निर्णय लिया जाता है, तो उसे मजबूती और एकजुटता के साथ लागू किया जायेगा। 

सोशल मीडिया बयानबाजी पर भी नाराजगी 

पुलिस एसोसिएशन ने विधायक की ओर से सोशल मीडिया और प्रेस के माध्यम से पुलिसकर्मियों के खिलाफ दिये जा रहे कथित बयानों पर भी नाराजगी जतायी है। एसोसिएशन का कहना है कि ऐसे बयानों से पुलिसकर्मियों के सम्मान और गरिमा को ठेस पहुंचती है। 

हालांकि, विधायक जयराम महतो की ओर से लगाये गये आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी गयी है, यह इस रिपोर्ट में उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है। मामले में प्राथमिकी और आगे की कानूनी कार्रवाई के आधार पर ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।

विज्ञापन