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एमएमडीआर संशोधन बिल राज्य के अधिकार के साथ धोखा : सुबोधकांत सहाय

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एमएमडीआर संशोधन बिल राज्य के अधिकार के साथ धोखा : सुबोधकांत सहाय
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संघीय ढांचे और झारखंड के अधिकार पर प्रहार है केंद्र का एमएमडीआर संशोधन बिल : सुबोधकांत सहाय 

टीम एबीएन, रांची। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर कांग्रेस ने प्रेस वार्ता में बिल को राज्य के हितों के विरुद्ध बताते हुए केंद्र सरकार पर कई सवाल उठाये। प्रेस वार्ता को पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता सुबोध कांत ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक का राज्य के विकास पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि खनिज हमारा, जमीन हमारी, फैसला दिल्ली का, यह बड़ा सवाल है। क्या बीजेपी का कोई दायित्व है इस पर कि नहीं? 

सुबोधकांत सहाय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों के संवैधानिक बेंच ने राज्यों को सेस लगाने का अधिकार दिया था। यह 8-1 का फैसला था। जिससे राज्य को अधिकार मिला था। सुप्रीम कोर्ट के जनहित के निर्णय को संख्या के बल पर केंद्र ने बदल दिया है। कैसे ये बिल पास हुआ, देश ने देखा। केंद्र बताये कि राज्यों को जो नुकसान होगा, उसकी भरपाई कैसे होगी। 

सुबोधकांत सहाय ने कहा कि विधेयक संघीय ढांचे और झारखंड के अधिकार पर प्रहार है। केंद्र ऐसे भी झारखंड की उपेक्षा लगातार कर रहा है।  हम इसकी लड़ाई लड़ेंगे। राज्य में बीजेपी के सांसदों की संख्या ज्यादा है,  क्या बीजेपी राज्य हित की लड़ाई लड़ेगी? अगर राजस्व घटेगा तो राज्य कैसे बढ़ेगा, ये बड़ा सवाल है। इस तरह का काम पहली बार हुआ है। स्टेट पुलिसिंग खत्म होगी। सेन्ट्रल फोर्सेस के सहारे काम होगा। भूमि अधिग्रहण से लेकर सारा काम केंद्र करेगा और राज्य देखता रहेगा। 

सुबोधकांत सहाय ने आगे कहा कि यह सवा तीन करोड़ राज्य वासियों के अधिकारों पर हमला है। हमने तीन चरणों में आंदोलन की घोषणा की है। केंद्र सरकार के तानाशाही रवैये के खिलाफ हम इस लड़ाई को मजबूती से लड़ेंगे। हमारी सरकार अपने बूते राज्य को संवार रही है। हम उम्मीद करते है हमारी जीत होगी। मैं देश का गृहमंत्री रहा हूं। संघीय ढांचे को अच्छे से समझता हूं।

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