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स्वर्णरेखा नदी उद्गम स्थल रानीचुंआ को तीर्थ क्षेत्र घोषित करने की मांग

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स्वर्णरेखा नदी उद्गम स्थल रानीचुंआ को तीर्थ क्षेत्र घोषित करने की मांग
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  • गंगा यात्री पीयूष पाठक सहित सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने स्वर्णरेखा नदी के उद्गम स्थल रानीचुंआ से निकाला कावड़ यात्रा और पहाड़ी मंदिर में किया जलार्पण
  • स्वर्णरेखा नदी उद्गम स्थल रानीचुंआ को तीर्थ क्षेत्र घोषित करने की मांग

एबीएन सोशल डेस्क। सावन माह के पवित्र अवसर पर गंगायात्री पीयूष पाठक सहित सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने स्वर्णरेखा नदी के उद्गम स्थल रानीचुंआ से जल उठाकर कावड़ यात्रा निकाला और पहाड़ी मंदिर में भगवान शिव को जलार्पण किया।

इस अवसर पर सरकार से मांग की गयी कि स्वर्णरेखा नदी के उद्गम स्थल को तीर्थ क्षेत्र घोषित किया जाय, क्योंकि इस क्षेत्र का इतिहास महाभारत काल से भी जुड़ा हुआ है और वनवास के क्रम में पांडव इस क्षेत्र में निवास किए थे, और आज भी यहां पर पांडू नामक गांव अवस्थित है और यह क्षेत्र आम जन समुदाय हेतु एक बड़ा आस्था का केंद्र है।

इस अवसर पर रोटी बैंक के विजय पाठक, रांची सिटीजन फोरम के दीपेश निराला, जोहार पार्टी के विजय कुशवाहा, प्रमुख नगड़ी मधुआ कच्छप, पूर्व पंचायत समिति सदस्य मधुबाला देवी, वार्ड 31 के पूर्व पार्षद अशोक यादव, तपेश्वर केशरी, धरम महतो, राजमोहन महतो, कमलेश केशरी, अनाम संगठन के सदस्य प्रमोद जायसवाल, रितिक,  विवेक हर्ष तिर्की विशेष रूप से उपस्थित हुए तथा इस कावड़ यात्रा का स्वागत सापारोम चौक में आदित्य केशरी, साहु नर्सरी परिवार द्वारा किया गया एवं कटहल मोड़ में लाल प्रमोद  सिंह शाहदेव के टीम के द्वारा स्वागत किया गया और फल एवं शीतल जल का वितरण किया गया।

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