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विश्व आदिवासी दिवस पर गूंजा आदिवासी एकता और संस्कृति संरक्षण का संदेश

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विश्व आदिवासी दिवस पर गूंजा आदिवासी एकता और संस्कृति संरक्षण का संदेश
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लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र में आदिवासी समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे युवा नेता सह समाजसेवी रोहित उरांव 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र में आदिवासी समाज की ओर से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर अतिथि युवा नेता सह समाजसेवी रोहित उरांव शामिल हुए। उन्होंने उपस्थित लोगों को विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए आदिवासी समाज की समृद्ध परंपरा और संस्कृति के संरक्षण का आह्वान किया। 

इस अवसर पर रोहित उरांव ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी समृद्ध कला, संस्कृति, परंपरा और प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली में निहित है। हमारी संस्कृति केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य विरासत है। इसे संरक्षित रखना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। 

उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़े रहने की जरूरत है। आधुनिकता के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ते हुए अपनी भाषा, संस्कृति, पारंपरिक पर्व-त्योहार, लोकगीत, लोकनृत्य और सामाजिक मूल्यों को बचाए रखना बेहद जरूरी है। शिक्षा, एकता और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से समाज को और मजबूत बनाया जा सकता है। 

कार्यक्रम के दौरान आदिवासी कला एवं संस्कृति पर आधारित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की गयीं। पारंपरिक नृत्य, गीत-संगीत और लोक संस्कृति की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम स्थल पर आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपरा की जीवंत झलक देखने को मिली। 

वक्ताओं ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के अधिकारों, सम्मान, संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को लेकर संकल्प लेने का दिन भी है। समाज के लोगों से अपनी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ शिक्षा को बढ़ावा देने तथा सामाजिक एकजुटता बनाए रखने की अपील की गयी। 

कार्यक्रम में आदिवासी समाज के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन आदिवासी एकता, संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक उत्थान के संकल्प के साथ हुआ। 

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