पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय का दावा, जेपीएससी आंदोलन निर्णायक दौर में, 24 घंटे में सरकार से फैसला करने की अपील
टीम एबीएन, रांची। जेपीएससी में कथित अनियमितताओं को लेकर जयपाल सिंह स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच शनिवार की देर शाम पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता सुबोध कांत सहाय और उनकी बेटी यशस्विनी सहाय पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात कर उनकी मांगों और आंदोलन की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने छात्रों को अपना पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिलाया।
सुबोध कांत सहाय ने कहा कि जेपीएससी छात्रों का आंदोलन अब अंतिम और निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। अब इस आंदोलन को निर्णायक परिणाम तक ले जाना होगा। उन्होंने कहा कि झारखंड में लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता को लेकर कई तरह की बातें सामने आती रही हैं, लेकिन छात्रों से बातचीत के बाद जो बातें सामने आई हैं, वे बेहद गंभीर और बर्दाश्त से बाहर हैं।
सुबोध कांत के अनुसार जेपीएससी जैसे महत्वपूर्ण संस्थान और राज्य के युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की अनियमितता स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सरकार की ओर से छात्रों के साथ बातचीत की पहल की गयी है, वह सकारात्मक कदम है। छात्रों की ओर से सरकार के समक्ष जो प्रमुख सवाल और मांगें रखी गयी हैं, उन सभी पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
युवाओं के भविष्य और राज्य के हित की लड़ाई: सुबोधकांत सहाय
सुबोध कांत सहाय ने सरकार से अगले 24 घंटे के भीतर निर्णायक फैसला लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने बातचीत की जो पहल की है, उसे अब ठोस निर्णय में बदलने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे का समाधान नहीं कर पाती है तो यह गंभीर चिंता का विषय होगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ये लड़ाई किसी कीमत पर हारनी नहीं चाहिए। यह सिर्फ छात्रों की लड़ाई नहीं है, बल्कि झारखंड के युवाओं के भविष्य और राज्य के हित की लड़ाई है।