एबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। इफको डाल्टनगंज ने नैनो उर्वरक आधारित एक दिवसीय किसान सभा का आयोजन रेडमा दक्षिणी, प्रखंड डाल्टनगंज (पलामू) में किया। इस कार्यक्रम में रेडमा दक्षिणी पैक्स के अध्यक्ष सहित क्षेत्र के लगभग 50 स्थानीय प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।
सभा का मुख्य उद्देश्य किसानों को धान की फसल में संतुलित उर्वरक प्रबंधन, आधुनिक नैनो तकनीक और सूक्ष्म पोषक तत्वों के सही एवं प्रभावी प्रयोग के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान किसानों को दानेदार यूरिया के पहले छिड़काव के 10 से 15 दिनों के भीतर नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और सागरिका का पत्तियों पर छिड़काव करने की सलाह दी गयी।
साथ ही नैनो डीएपी से बीज शोधन, जड़ उपचार और स्प्रे करने की सही विधि विस्तारपूर्वक समझायी गयी। पारंपरिक रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग को कम कर पर्यावरण-अनुकूल और किफायती नैनो विकल्पों को अपनाने की अपील के साथ-साथ, धान की रोपाई के 10 से 15 दिनों के अंदर जिंक का प्रयोग अनिवार्य रूप से करने की सलाह दी गयी।
ताकि पौधों में पोषक तत्वों की कमी न हो और जड़ों का बेहतर विकास हो सके। धान के अलावा मक्का, अरहर और विभिन्न सब्जियों जैसे आलू, मूंगफली आदि में बोरॉन, कैल्शियम, जिंक, पोटाश (0:0:50) तथा सल्फर की सटीक मात्रा, सही समय और छिड़काव की सही विधि की विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी।
कार्यक्रम के अंत में फसल अवशेषों (पुआल/पराली) को आसानी से गलाकर मिट्टी की जैविक उर्वरता बढ़ाने के लिए बायो-डिकम्पोजर के उपयोग और इसके दूरगामी लाभों के प्रति किसानों को जागरूक किया गया। पिछले 2 वर्षों से अपने सभी फसलों में नैनो यूरिया प्रयोग कर रहे स्थानीय किसान ने अपना अनुभव उपस्थित सभी अन्य किसानों के साथ साझा किया।