Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
लाइव: 15
होम ई-पेपर देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन
झारखंड

सात और आठ को युवा आजसू जमशेदपुर में बनायेगा अहम रणनीति

शेयर करें: WhatsApp Facebook X Back to ePaper
सात और आठ को युवा आजसू जमशेदपुर में बनायेगा अहम रणनीति
विज्ञापन

7-8 अगस्त को जमशेदपुर में होगा युवा आजसू का दो दिवसीय प्रदेश अधिवेशन, तैयारियों की हुई समीक्षा 

टीम एबीएन, रांची। आगामी 7 एवं 8 अगस्त को जमशेदपुर में आयोजित होने वाले युवा आजसू के दो दिवसीय प्रदेश अधिवेशन की तैयारियों को लेकर सोमवार को पार्टी के केंद्रीय कार्यालय, हरमू (रांची) में युवा आजसू के प्रदेश संयोजकों एवं पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी। 

बैठक की अध्यक्षता आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष  सुदेश कुमार महतो ने की। अधिवेशन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सुदेश महतो ने कहा कि यह अधिवेशन संगठन को नयी ऊर्जा, नया नेतृत्व और नई दिशा देने का कार्य करेगा।  

14वीं जेपीएससी भर्ती घोटाले पर सुदेश महतो ने सरकार को घेरा 

मीडिया से बातचीत में सुदेश कुमार महतो ने कहा कि राज्य में भर्ती घोटालों ने युवाओं का विश्वास तोड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल सीआईडी जांच के भरोसे मामले को ठंडे बस्ते में डालना चाहती है। 

उन्होंने मांग की कि 14वीं जेपीएससी एवं जेएसएससी भर्ती घोटालों की सीबीआई जांच करायी जाये, जेपीएससी के वर्तमान सदस्यों को तत्काल हटाया जाये तथा सेवानिवृत्त न्यायाधीशों एवं विशेषज्ञों की स्वतंत्र समिति गठित कर पूरी भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच करार्यी जाये। 

सरकार से आजसू पार्टी की प्रमुख मांगें 

  • 14वीं जेपीएससी एवं जेएसएससी भर्ती घोटालों की अविलंब सीबीआई जांच करायी जाये। 
  • जेपीएससी के सभी वर्तमान सदस्यों को तत्काल हटाकर आयोग का पुनर्गठन किया जाए तथा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष व्यक्तियों की नियुक्ति की जाये।
  • जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के गिरफ्तार द्वितीय टॉपर अभय तिवारी प्रकरण सहित पूरे भर्ती तंत्र की निष्पक्ष जांच हो तथा जेएसएससी के वर्तमान अध्यक्ष की भूमिका की भी जांच कर उन्हें पद से हटाया जाये। 

सरकार यह सार्वजनिक करे कि अब तक सीआईडी को कितने महत्वपूर्ण मामलों की जांच सौंपी गयी, उनमें से कितने मामलों का अंतिम निष्पादन हुआ तथा कितने मामले अब भी लंबित हैं।

विज्ञापन