- लोहरदगा के अभिभावक, शिक्षक और प्रशासन सावधान : सूरज अग्रवाल
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों सुखा नशा का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। अब नशा के व्यापारी 12 से 15 वर्ष के बच्चों को टारगेट कर रहे हैं। इस उम्र के बच्चे नशा के जाल में फंसते जा रहे हैं। देखा जा रहा है कि नशे के व्यापारी छोटे बच्चे जिसे अभी दुनिया और समाज का ज्ञान नहीं है। उन बच्चों को नशा का लत लगा रहे हैं और उन बच्चों से अपराध करा रहे हैं। बच्चे नशा सेवन के चक्कर में अपने घर में चोरी करना शुरू कर दिए हैं।
घर के ज्वेलरी नगदी आदि चुराकर नशा व्यापारी तक पहुंचा रहे हैं। नशा के व्यापारी अब विद्यालय को भी टारगेट कर रहे हैं। विद्यालय के कम उम्र के बच्चों को नशा का लत लगा रहे हैं। मैं सभी अभिभावक एवं शिक्षकों के साथ-साथ जिला प्रशासन से निवेदन करता हूं कि इस पर रोक लगाने के लिए हम सभी को एकजुट होकर पहल करने की आवश्यकता है।
विद्यालय के शिक्षक स्कूल के समय पर किसी भी सूरत पर बच्चों को कैंपस से बाहर न जाने दे और उद्दंड बच्चों पर गहरी नजर बनाए रखें। अभिभावक बच्चों पर विशेष निगरानी रखें। उनके गतिविधियों को नजर अंदाज ना करें। अन्यथा हमारा युवा समाज नशे के कारण बर्बादी की ओर चले जाएंगे और व्यापारी लाखों करोड़ों कमाने के चक्कर में हमारे बच्चों को विनाश की ओर ले जाएंगे।
हम लोगों ने देखा है कि पंजाब में किस तरह से लोगों को नशा लत लगाया गया था। लोग नशा करने के चक्कर में कोई भी अपराध करने के लिए तैयार खड़ा रहते थे, जिसका जीता जागता उदाहरण है। फिल्म उड़ता पंजाब अब झारखंड में भी इस तरह की नशा का व्यापार जोरों पर है आए दिन कई शहरों में पुलिस द्वारा नशा के व्यापारियों को पकड़ा जा रहा है।
प्रतिदिन किसी न किसी शहर में नशा व्यापारी पकड़े जा रहे है। इससे प्रतीत होता है कि सुखा नशा का एक बड़ा खेप झारखंड में पहुंचाया जा रहा है। इस कड़ी को तोड़ने के लिए हम सभी सजग नागरिकों को आगे आकर मुकाबला करने की आवश्यकता है नहीं तो हमारे बच्चे हमारे युवा पीढ़ी का विनाश तय है।
मैं पुलिस प्रशासन से भी निवेदन करता हूं कि लोहरदगा में इस नशा व्यापारियों पर जल्द से जल्द हंटर चलाया जाए और उन्हें जेल की सलाखों में पहुंचाया जाए छोटे-छोटे व्यापारियों को पकड़ने से कोई लाभ नहीं होने वाला है। बड़ी खेप पहुंचाने वाले साजिश करता को पकड़ना अति आवश्यक है। अन्यथा सभी धर्म जाति के लोग इस नशा के चक्कर में पड़कर बर्बाद हो जाएंगे।
आज यह बच्चे चोरी कर छोटा अपराध कर रहे हैं कल नशा के चक्कर में बड़े अपराध करने पर भी पीछे नहीं हटेंगे क्योंकि इसी नशे के चक्कर में लोहरदगा में कुछ दिन पूर्व एक मुस्लिम बेटे की हत्या हुई थी। इसके बाद भी हम सभी अपने-अपने कर्तव्यों का निर्वाह न करें तो अपनी बर्बादी हम खुद कर बैठेंगे।