Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
झारखंड

NSU में नो कॉटिक्स स्कूल अवेयरनेस ड्राइव सम्पन्न

NSU में नो कॉटिक्स स्कूल अवेयरनेस ड्राइव सम्पन्न
विज्ञापन

NSU में नो कॉटिक्स स्कूल अवेयरनेस ड्राइव सम्पन्न

टीम एबीएन, रांची। NSU में नो कॉटिक्स (No Cotics) स्कूल अवेयरनेस ड्राइव सफलतापूर्वक आयोजित NSU में नो कॉटिक्स स्कूल अवेयरनेस ड्राइव सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इसमें 130 से ज़्यादा छात्र और फैकल्टी सदस्य शामिल हुए। यह कार्यक्रम नशीले पदार्थों के सेवन की रोकथाम और युवाओं की मानसिक सेहत पर केंद्रित था और बहुत प्रभावशाली रहा।

 इस कार्यक्रम का नेतृत्व बेंगलुरु में पढ़ने वाले 16 साल के छात्र और नो कॉटिक्स पहल के संस्थापक अव्युक्त सोंथालिया ने किया। सीखने के लिए एक बेहतरीन माहौल बनाने के लिए ऑडिटोरियम को नो कॉटिक्स की ब्रांडिंग, बैनर, ऑडियो-विज़ुअल सिस्टम और प्रेजेंटेशन के उपकरणों से अच्छी तरह तैयार किया गया था। 

कार्यक्रम की शुरुआत अव्युक्त की एक डेटा-आधारित प्रेजेंटेशन से हुई, जिसमें युवाओं में नशीले पदार्थों के सेवन से जुड़े मुख्य राष्ट्रीय और वैश्विक आँकड़े दिखाए गए। प्रेजेंटेशन में लत के कारणों, साथियों के दबाव (पीयर प्रेशर) के असर, नशीले पदार्थों के सेवन के लंबे समय तक रहने वाले शारीरिक और मानसिक नतीजों, और कम उम्र में सही फैसले लेने की अहमियत पर चर्चा की गई। 

प्रेजेंटेशन के बाद, छात्रों को AI से बनी विज़ुअल कहानियाँ दिखाई गईं। इनमें साथियों के दबाव, लत और निजी फैसलों के असर से जुड़ी असल ज़िंदगी की स्थितियों को दिखाया गया था। टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से मुश्किल मुद्दों को समझना आसान हो गया और छात्रों को रोज़मर्रा की ज़िंदगी में अपने फैसलों के बारे में गहराई से सोचने के लिए प्रेरित किया गया। 

इसके बाद मशहूर मनोवैज्ञानिक डॉ. सुमिता भगत  का एक ज्ञानवर्धक सेशन हुआ, जिन्हें 35 साल से ज़्यादा का प्रोफेशनल अनुभव है। उन्होंने डिप्रेशन, एंग्जायटी (चिंता), साथियों के दबाव, परीक्षा के तनाव, इमोशनल रेजिलिएंस (भावनात्मक मजबूती) और तनाव को मैनेज करने के व्यावहारिक तरीकों पर विस्तार से बात की।

 उनके सेशन में मदद लेने, भावनात्मक सेहत बनाए रखने और मुश्किल हालात से निपटने के स्वस्थ तरीके विकसित करने की अहमियत पर ज़ोर दिया गया। इस कार्यक्रम की एक खास बात सवाल-जवाब का इंटरैक्टिव सेशन था, जिसमें छात्रों ने खुलकर अपनी चिंताएँ बताईं, अनुभव साझा किए और तनाव, मानसिक सेहत, साथियों के असर और नशीले पदार्थों के सेवन से जुड़े मुद्दों पर सलाह ली। 

छात्रों की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम की अहमियत और सार्थक बातचीत में उनकी दिलचस्पी का पता चला। तथ्यों पर आधारित रिसर्च, AI-पावर्ड स्टोरीटेलिंग, मनोवैज्ञानिकों की सलाह और बातचीत को मिलाकर, इस कार्यक्रम ने छात्रों को नशीले पदार्थों के सेवन और मानसिक सेहत से जुड़ी चुनौतियों की पूरी समझ दी।

यह प्रोग्राम चल रहे नो नार्कोटिक्स स्कूल अवेयरनेस ड्राइव का हिस्सा है। इस पहल का मकसद एजुकेशनल संस्थानों में जाना और युवाओं को सबूतों पर आधारित अवेयरनेस प्रोग्राम, नए एजुकेशनल टूल्स और एक्सपर्ट्स के साथ बातचीत के ज़रिए सशक्त बनाना है, ताकि स्वस्थ, जागरूक और ड्रग-फ्री समाज को बढ़ावा दिया जा सके।

विज्ञापन

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 29,880