- खलारी : सीआईएसएफ ने पकड़ी 11.58 टन लावारिस कोयला
- सीआईएसएफ की कोल रेड में 11.58 टन लावारिस कोयला बरामद, अवैध कारोबारियों पर कसा शिकंजा
एबीएन न्यूज नेटवर्क, खलारी। कोयला क्षेत्रों में अवैध खनन, कोयला चोरी एवं अवैध परिवहन के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के तहत सीआईएसएफ यूनिट सीसीएल एनके एवं पिपरवार को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
सोमवार को पिपरवार क्षेत्र में चलाये गये विशेष कोल रेड अभियान के दौरान सीआईएसएफ जवानों ने 11.580 टन लावारिस कोयला बरामद किया, जिसे कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सीसीएल प्रबंधन को सौंप दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीआईएसएफ की डी कंपनी द्वारा नियमित गश्ती एवं क्षेत्र निरीक्षण के दौरान पिपरवार चेक पोस्ट से हॉपर जाने वाले मार्ग के समीप संदिग्ध परिस्थिति में बड़ी मात्रा में कोयला पड़ा हुआ देखा गया।
यह स्थान अशोक परियोजना से राजधर रेलवे साइडिंग एवं सीएचपी जाने वाले परिवहन मार्ग के निकट स्थित है, जहां अक्सर कोयला परिवहन में लगे वाहनों का आवागमन होता है। निरीक्षण के दौरान मौके पर कोई वाहन या व्यक्ति मौजूद नहीं मिला, हालांकि भारी वाहनों के टायरों के ताजा निशान पाये गये, जिससे अवैध गतिविधि की आशंका प्रबल हो गयी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीआईएसएफ ने तत्काल कोल रेड अभियान चलाकर पूरे कोयले को अपने कब्जे में ले लिया। बाद में विधिवत वजन कराने पर बरामद कोयले का शुद्ध वजन 11.580 टन पाया गया। इसकी अनुमानित कीमत 11,174.70 रुपये आंकी गयी है।
सीआईएसएफ अधिकारियों ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम (एमएमडीआर एक्ट) के प्रावधानों के तहत बरामद कोयले को सीसीएल प्रबंधन को सुपुर्द कर दिया। अधिकारियों का मानना है कि यह कार्रवाई अवैध कोयला कारोबार में संलिप्त तत्वों के लिए एक कड़ा संदेश है।
यह अभियान उप समादेष्टा दिनेश कुमार एवं सहायक समादेष्टा हर्ष लवानिया के संयुक्त नेतृत्व में संचालित किया गया। अभियान में निरीक्षक एलएस मिंज, उप निरीक्षक अनिल कुमार राय, सहायक उप निरीक्षक किशन दास सहित डी कंपनी के जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।
सीआईएसएफ समादेष्टा अमित कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा एमएमडीआर अधिनियम के तहत प्रदत्त अधिकारों के बाद अवैध खनन और कोयला चोरी के विरुद्ध कार्रवाई और अधिक प्रभावी हुई है। उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ आधुनिक तकनीकों, विशेषकर ड्रोन निगरानी के माध्यम से पूरे कोलफील्ड क्षेत्र पर लगातार नजर बनाये हुए है।