Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
झारखंड

जामताड़ा : झाड़ियों से नौ शातिर साइबर क्राइमर धराये

शेयर करें: WhatsApp Facebook X
जामताड़ा : झाड़ियों से नौ शातिर साइबर क्राइमर धराये
विज्ञापन
  • जामताड़ा : झाड़ियों से नौ शातिर साइबर क्राइमर धराये
  • जामताड़ा में पुलिस की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक, झाड़ियों से साइबर ठगी चला रहे 9 शातिर गिरफ्तार

एबीएन न्यूज नेटवर्क, जामताड़ा। देश में साइबर अपराध के सबसे बड़े गढ़ के रूप में कुख्यात जामताड़ा जिले में पुलिस ने अपराधियों के विरुद्ध एक बार फिर कड़ा और निर्णायक प्रहार किया है। जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) शंभू कुमार सिंह को मिली सटीक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कर्माटांड़ और जामताड़ा थाना क्षेत्रों में एक व्यापक और योजनाबद्ध सर्जिकल स्ट्राइक की।

इस विशेष छापेमारी अभियान के दौरान पुलिस ने झाड़ियों में छिपकर देशव्यापी ठगी का नेटवर्क चला रहे कुल 9 शातिर साइबर अपराधियों को रंगे हाथ दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार अपराधियों के पास से भारी मात्रा में तकनीकी उपकरण, सक्रिय सिम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किये गये हैं।

झाड़ियों में चल रहा था ठगी का खेल

जामताड़ा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित एक  प्रेस वार्ता के दौरान एसपी शंभू कुमार सिंह ने इस पूरी कार्रवाई का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधियों की धरपकड़ के लिए साइबर अपराध के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) अमित कुमार के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया था। इस त्वरित कार्रवाई दल में साइबर थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक राजेश मंडल, पुलिस निरीक्षक नितीश कुमार और पुलिस अवर निरीक्षक बिनोद सिंह समेत अन्य चुनिंदा पुलिसकर्मी शामिल थे।

पुलिस टीम ने पहली बड़ी कार्रवाई कर्माटांड़ थाना अंतर्गत ग्राम सियाटांड़ और मट्टांड़ के समीप स्थित झाड़ीनुमा परती जमीन पर की, जहां घेराबंदी कर 5 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, दूसरी समानांतर कार्रवाई जामताड़ा थाना क्षेत्र के मोहड़ा से पोसोई जाने वाली पुरानी पक्की सड़क के दाहिने किनारे स्थित घनी झाड़ियों में की गयी, जहां से 4 अन्य अपराधियों को पकड़ा गया। ये अपराधी इन सुनसान झाड़ियों को अपना सुरक्षित ठिकाना बनाकर देश के भोले-भाले नागरिकों को निशाना बना रहे थे।

अपराधियों की सूची

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक, अमृत रुईदास, मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। वह जामताड़ा में स्थित अपने ससुराल आया हुआ था और वहीं बैठकर इस काले धंधे को अंजाम दे रहा था। गिरफ्तार किए गए अपराधियों का विवरण निम्नानुसार है:

  1. मुजाहिद अंसारी (24 वर्ष), पिता- रफिक मियां (मट्टांड़, कर्माटांड़) — इसका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है (कांड सं० 44/24 में चार्जशीटेड)।
  2. सलामत अंसारी (27 वर्ष), पिता- अलाउद्दीन मियां (मट्टांड़, कर्माटांड़) यह भी पूर्व के कांड सं० 59/20 में आरोपी है।
  3. सनवर अंसारी (33 वर्ष), पिता- कबीर मियां (मट्टांड़, कर्माटांड़)
    तधारक अंसारी (25 वर्ष), पिता- कबीर मियां (मट्टांड़, कर्माटांड़)
  4. सरफराज अंसारी (30 वर्ष), पिता- स्वर्गीय जाकिर मियां (मट्टांड़, कर्माटांड़)
  5. रोक्की कुमार दास (23 वर्ष), पिता- दिलीप दास (पोसोई, जामताड़ा)
  6. अर्जुन दास (37 वर्ष), पिता- भरत दास (पोसोई, जामताड़ा)
  7. सचिन दास (23 वर्ष), पिता- खेदन दास (पोसोई, जामताड़ा)
  8. अमृत रुईदास (24 वर्ष), पिता- शंभू रुईदास (ग्राम- दासपाड़ा बराकर, कुल्टी, पश्चिम बर्धमान, पश्चिम बंगाल)

बरामदगी का विवरण (जब्त सामान)

पुलिस ने अपराधियों के पास से तकनीकी हथियारों का जखीरा बरामद किया है जिसमें शामिल हैं:

  • मोबाइल फोन : 27 पीस (विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन)
  • सिम कार्ड : 39 पीस (फर्जी आईडी पर एक्टिवेटेड)
  • ठगी का तरीका : कैसे बनाते थे शिकार
  • पुलिस पूछताछ में इन शातिर अपराधियों ने अपनी कार्यप्रणाली का विस्तार से खुलासा किया है।

इस तरह करते थे ठगी

कैशबैक का झांसा व फर्जी कस्टमर केयर
ये अपराधी पीड़ितों को फोन पे पर भारी कैशबैक मिलने का एक फर्जी पॉप-अप या मैसेज भेजते थे और उन्हें एक्सेप्ट बटन दबाने के लिए बरगलाते थे। जैसे ही पीड़ित झांसे में आकर बटन दबाता, उसके खाते से पैसे अपराधियों के डमी वॉलेट या बैंक खातों में स्थानांतरित हो जाते थे। इसके अतिरिक्त, ये गूगल सर्च इंजन पर देश की नामी कंपनियों के फर्जी कस्टमर केयर नंबर अपलोड कर देते थे, जिससे संपर्क करने वाले ग्राहक सीधे इनके जाल में फंस जाते थे।

फर्जी बैंक अधिकारी बनकर भय का माहौल बनाना

ये अपराधी स्वयं को नामी बैंकों के मुख्य अधिकारी या मैनेजर बताकर सीधे लोगों को कॉल करते थे। पीड़ितों को डराया जाता था कि उनका क्रेडिट अथवा डेबिट कार्ड तत्काल ब्लॉक होने वाला है। कार्ड को सुचारू रूप से चालू रखने के नाम पर ये उनका 16 अंकों का एटीएम नंबर, सीवीवी और मोबाइल पर प्राप्त होने वाला गोपनीय ओटीपी हासिल कर लेते थे और पलक झपकते ही ई-वॉलेट के माध्यम से पैसे ट्रांसफर कर लेते थे।

विज्ञापन

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 48,087