अस्पताल अधीक्षक की कार्यशैली की जांच और शीघ्र तबादला की मांग
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने झारखंड मुख सचिव को पत्र लिखकर कहा कि धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) की स्वास्थ्य व्यवस्था चरम सीमा पर है। इसी बीच अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर दिनेश कुमार गिंदोरिया सरकारी अस्पताल के अधीक्षक होने के बावजूद कैसे एक प्राइवेट नर्सिंग होम चला सकते हैं।
प्राइवेट नर्सिंग होम के वजह से ही वो अस्तपाल में कम ओर अपने निजी प्राइवेट नर्सिंग होम में ज्यादा ध्यान देते हैं। जिससे आज (एसएनएमएमसीएच) अस्पताल अपनी गरिमा पर आंसू बहा रहा है। जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है। स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कुछ दिन पूर्व ही अस्पताल का छत का प्लास्टर गिर गया था, जिससे बड़ी दुर्घटना घट सकती थी।
जिसका सारा जिम्मेवार अस्पताल अधीक्षक हैं क्योंकि इनकी लापरवाही के कारण अस्पताल की हालत दिन पर दिन खराब होते जा रही है। मरीजों को बेहतर इलाज भी नहीं मिल रही है। रात के समय डॉक्टर भी उपलब्ध नहीं रहते हैं। ट्रेनिंग नर्स के भरोसे इतना बड़ा अस्पताल को छोड़ दिया जाता है।
अधीक्षक मरीजों की जान के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं। यही नहीं अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर दिनेश कुमार गिंदोरिया आज कई वर्षों से जमे हुए हैं। ऐसे लापरवाह अधीक्षक का अविलंब तबादला किया जाना चाहिए, जिससे अस्पताल की व्यवस्था पर सुधार आ सके।