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शिव शंकर मंडल, रांची की कांवड़ यात्रा 25 जुलाई से होगी प्रारंभ

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शिव शंकर मंडल, रांची की कांवड़ यात्रा 25 जुलाई से होगी प्रारंभ
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  • शिव शंकर मंडल, रांची की कांवड़ यात्रा 25 जुलाई से होगी प्रारंभ

टीम एबीएन, रांची। देवाधिदेव भगवान शिव का परम प्रिय श्रावण (सावन) मास इस वर्ष 30 जुलाई 2026 से प्रारंभ हो रहा है। इस पावन अवसर पर देशभर से लाखों श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा, सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर लगभग 105 किलोमीटर की पैदल कांवड़ यात्रा करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक भगवान बैद्यनाथ का जलाभिषेक करते हैं।

मान्यता है कि श्रावण मास में भगवान शिव स्वयं अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं। सच्चे मन से अर्पित गंगाजल एवं श्रद्धा से किए गए जलाभिषेक से भगवान शिव प्रसन्न होकर अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

इसी क्रम में शिव शंकर मंडल, रांची के श्रद्धालु विगत कई वर्षों से उत्तरवाहिनी गंगा, सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा के माध्यम से पैदल देवघर पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करते आ रहे हैं। इस वर्ष यह यात्रा 25 जुलाई 2026 को प्रारंभ होकर 30 जुलाई 2026 को संपन्न होगी।

लगभग 40 कांवड़िया रांची से रेल मार्ग द्वारा सुल्तानगंज के लिए प्रस्थान करेंगे। वहां से पवित्र गंगाजल भरकर सभी श्रद्धालु 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचेंगे। संपूर्ण यात्रा का नेतृत्व श्री बसंत मूंदड़ा करेंगे।

यात्रा में प्रमुख रूप से श्री मनोज पोद्दार, मनोज काबरा, दीपक अग्रवाल, अखिल पोद्दार, गौरव काबरा, शिखिल तनेजा, विकास काबरा, जयप्रकाश शर्मा, ऋषभ जैन, विकास लोहिया, रोहन अग्रवाल, प्रेम कुमार अग्रवाल, मुकुल अग्रवाल, राजेश जायसवाल, संदीप कुमार चितलांगिया, विष्णु कुमार अग्रवाल, अनिल नारानोली, विकास अग्रवाल, मिलन अग्रवाल, सुनील चौधरी, कमल मोदी, शिवम पोद्दार, रमन बगड़िया, ललित तुलसियान, रवि प्रकाश अग्रवाल, शुभम अग्रवाल सहित अनेक श्रद्धालु शामिल होंगे।

इस अवसर पर श्री मनोज पोद्दार ने बताया कि वे पिछले लगभग 40 वर्षों से बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबा के दरबार में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु अपनी आस्था और विश्वास के साथ पहुंचता है तथा भगवान शिव अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करते। उनकी कृपा से भक्तों की मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि प्रत्येक वर्ष कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है।

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