छह का फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा इलाज
एबीएन न्यूज नेटवर्क, दुमका। जिला में शिकारीपाड़ा के खाड़ुकदमा गांव में जहरीले फल का बीज खाने से एक दर्जन बच्चे की हालत बिगड़ गयी है। पहले उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में इनमें से छह को बेहतर इलाज के लिए दुमका स्थित फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया। अभी बच्चों की स्थिति खतरे से बाहर है।
क्या है पूरा मामला
शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के खाड़ुकदमा गांव के करीब एक दर्जन बच्चों ने खेल खेल में जहरीले फल के बीज खा लिये, जिस कारण सभी की तबीयत बिगड़ गयी। सभी बच्चों को इलाज के लिए शिकारीपाड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया। इनमें छह बच्चे की हालत ज्यादा बिगड़ने पर समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए दुमका फुलो-झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।
इलाज के बाद सभी की हालत में सुधार है। परिजनों ने बताया कि सभी बच्चे एक साथ स्कूल गए थे। वापस लौटने के दौरान बच्चों ने काजू का फल समझकर जहरीले फल को तोड़ा और उसके अंदर के बीज को निकालकर खा लिया। जहरीला फल खाने के साथ ही सभी की तबीयत बिगड़ गयी। सभी बच्चे अपने-अपने घर पहुंचकर पेट दर्द और शरीर में ऐंठन की शिकायत की और अर्धबेहोशी की हालत में गिर पड़े।
परिजनों ने आनन-फानन में पहले शिकारीपाड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में इलाज के लिए भर्ती कराया पर छह की हालत नाजुक होने पर दुमका अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। बीमार बच्चे सभी अलग-अलग परिवार के हैं। बीमार पड़े बच्चों में अमीनुल अंसारी (8 वर्ष), शहनबाज अंसारी (7 वर्ष), जुनेद अंसारी (5 वर्ष), मो। वसीर आलम (8 वर्ष), रिजवान अंसारी (8 वर्ष) शामिल है। बाकी बच्चों का इलाज शिकारीपाड़ा के अस्पताल में चल रहा है।