बढ़ी सीट के अनुरूप राशि की मांग के लिए भारत सरकार को भेजा जायेगा प्रस्ताव
टीम एबीएन, रांची। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में यूजी, पीजी एवं सुपर स्पेशियलिटी की सीटों में बड़े पैमाने पर वृद्धि की जायेगी। बढ़े हुए छात्र-भार के अनुरूप आधारभूत संरचना विकसित करने हेतु अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला, रिम्स के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. हिरेंद्र बिरूआ, मार्श एंड वोइस के परामर्शी तथा जेएसबीसीसीएल के अधिकारी उपस्थित थे। बता दें कि रिम्स में एमबीबीएस (यूजी) की सीटें 176 से बढ़ाकर 250, पीजी की सीटें 180 से बढ़ाकर 275 तथा सुपर स्पेशियलिटी की सीटें 11 से बढ़ाकर 100 किये जाने का प्रस्ताव एनएमसी को भेजा गया है।
अत: आवश्यक है कि बढ़े हुए सीट के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित किया जाये और वीजीएफ के तहत भारत सरकार से राशि प्राप्त किये जाने के प्रस्ताव तैयार किये जाने के प्रस्ताव की समीक्षा की गयी।
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि सीटों में होनेवाली इस वृद्धि के अनुरूप रिम्स में भवन, हॉस्टल, विभागीय कक्ष, प्रयोगशालाएं, ओटी, उपकरण, फैकल्टी, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग एवं अन्य मानव संसाधन सहित सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विस्तृत आकलन किया गया। इसी आकलन के आधार पर भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जायेगा, ताकि केंद्र सरकार की योजना के तहत प्रति अतिरिक्त सीट लगभग 1.5 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त की जा सके।
उन्होंने निर्देश दिया कि प्रस्ताव भेजने से पहले रिम्स की वर्तमान उपलब्ध सुविधाओं और भविष्य की आवश्यकताओं का विस्तृत मूल्यांकन किया जाये, ताकि किसी भी आवश्यक संसाधन की कमी न रहे और भारत सरकार से अधिकतम स्वीकृति प्राप्त हो सके। पलामू एवं दुमका मेडिकल कॉलेजों में भी आगामी वर्षों में मेडिकल की सीट बढ़ेंगी। इस हेतु प्रस्ताव भेजा गया है।
दोनों मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के विस्तार एवं उन्नयन के लिए संबंधित उपायुक्तों द्वारा अतिरिक्त भूमि उपलब्ध करा दी गयी है। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि दोनों मेडिकल कॉलेजों में भविष्य में पीजी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की दिशा में कार्रवाई की जायेगी। अत: बढ़े हुए सीट के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने और वीजीएफ के तहत भारत सरकार से राशि प्राप्त करने हेतु प्रस्ताव तैयार किये जाने के प्रस्ताव की समीक्षा की गयी।
दोनों संस्थानों की आधारभूत संरचना आदि का विस्तृत आकलन कर संशोधित विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने का अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया। इसके बाद आवश्यक संशोधनों के साथ भारत सरकार को स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा जायेगा। उन्होंने जेएसबीसीसीएल को निर्देश दिया कि संशोधित डीपीआर एवं प्रस्ताव 15 दिनों के भीतर विभाग को उपलब्ध कराया जाये, ताकि इसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर भारत सरकार को भेजा जा सके।
इस दौरान अपर मुख्य सचिव ने रिम्स परिसर की साफ-सफाई पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को निर्देश दिया कि पूरे परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाये तथा जहां भी सफाई की आवश्यकता हो, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाये। उन्होंने यह भी कहा कि परिसर के भीतर यदि कहीं अनावश्यक आंतरिक बाउंड्री या अन्य अवरोध बने हुए हैं, तो उन्हें हटाया जाये, ताकि पूरा रिम्स परिसर एकीकृत, व्यवस्थित और सुगम स्वरूप में विकसित हो सके।