- रांची सिटीजन फोरम ने सभी 53 वार्ड पार्षदों से मुलाकात कार्यक्रम के तहत आज 10 वार्ड पार्षदों से मिलकर उनको उनके वार्ड की विभिन्न समस्याओं खासकर रांची शहरी क्षेत्र में लगातार हो रहे जल जमाव की समस्या के समाधान हेतु ज्ञापन दिया
- साथ ही सभी नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों को अंग वस्त्र देकर उनके जीत के लिए बधाई दी
- सभी वार्ड पार्षदों को रांची सिटीजन फोरम द्वारा चर्चा, संवाद एवं जागरूकता के माध्यम से सहभागिता हेतु सकारात्मक सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया
- मुलाकात के क्रम में पता चला कि फंड नहीं होने का बहाना बनाकर रांची नगर निगम शहरी क्षेत्र के विकास कार्यों को रोके हुए हैं और इन 3 महीना में अब तक मात्र एक बोर्ड की ही मीटिंग करवा पाया है
- अब तक हुए एकमात्र बोर्ड की मीटिंग में लिये गये निर्णय का भी अनुपालन नहीं हो रहा है
टीम एबीएन, रांची। रांची सिटीजन फोरम अध्यक्ष दीपेश निराला की अध्यक्षता में अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ रांची नगर निगम के कुल 53 वार्ड क्षेत्र अंतर्गत सभी 53 नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों से मुलाकात के क्रम में आज वार्ड 37 के परमेश्वर सिंह, वार्ड 39 की शीला देवी, वार्ड 40 की सुचिता रानी, वार्ड 41 की नीलम चौधरी, वार्ड 42 की ममता देवी, वार्ड 43 की शशि सिंह, वार्ड 49 की जमीला खातून, वार्ड 50 की सुनीता तिग्गा, वार्ड 51 की सबिता लिंडा और वार्ड 53 की निर्मला गाड़ी से मुलाकात किया और उनको उनके निर्वाचन के लिए अंग वस्त्र देकर बधाई दी।
अब तक वार्ड 1 के नकुल तिर्की, वार्ड 2 की सविता कच्छप, वार्ड 3 की बसंती लकड़ा, वार्ड 5 के अवधेश बैठा, वार्ड 7 की मीनू देवी, वार्ड 10 की संगीता देवी, वार्ड 11 की आलिया नाज, वार्ड 15 की गजाला परवीन, वार्ड 16 के मोहम्मद सलाहुद्दीन असलम, वार्ड 17 की फातमा शमीम, वार्ड 20 के सुनील कुमार यादव, वार्ड 21 के मोहम्मद एहतेशाम, वार्ड 22 के मोहम्मद असलम, और वार्ड 25 की सुषमा राज, वार्ड 29 के सुनील यादव से भी मुलाकात हो चुका है और इस तरह से कुल 25 वार्ड पार्षदों से अब तक मुलाकात हो चुका है। सभी को उनके वार्ड से जुड़े विभिन्न समस्याओं पर एक ज्ञापन दिया गया, जिसमें अभी बरसात के मौसम में रांची शहरी क्षेत्र में होने वाले जल जमाव पर विस्तृत चर्चा की गयी।
इस क्रम में आग्रह किया गया कि आप लोग अपने-अपने वार्ड में जल निकासी के पुराने स्रोतों को चिन्हित करवाते हुए उन्हें क्लियर करवायें और अगर वहां यदि अतिक्रमण है तो उस अतिक्रमण को कम से कम इतना हटवा दें कि जल निकास आसानी से हो सके, क्योंकि आज से 15-20 वर्ष पहले रांची में जल जमाव नहीं होता था और वर्षा आज की तुलना में अधिक होती थी तथा करीब-करीब प्रतिदिन ही वर्षा हो जाया करती थी।
गर्मी और बरसात के मौसम में, लोगों को अपने साथ छाता लेकर निकलना पड़ता था और रांची शहरी क्षेत्र में कहीं पर भी कोई जल जमाव नहीं होता था, लेकिन अब जब बरसात कम हो गयी है तो उसके बाद भी इधर 15-20 वर्षों में जल जमाव की स्थिति प्रचंड होते जा रही है, क्योंकि जल निकासी के पुराने मार्ग अवरुद्ध हैं और कई जगह अतिक्रमण के कारण निकासी मार्ग बंद हो चुके हैं, जिससे वर्तमान समय में जल जमाव हो रहा है।
यदि इन पुराने जल निकास के मार्गों को पूर्व की भांति खोल दिया जाय तो फिर वर्तमान में जिस प्रकार से जल जमाव की समस्या सामने आ रही है वैसा समस्या देखने को नहीं मिलेगा। इसके अलावा बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट, खुले हुए व जाम नाले, आधी-अधूरी या क्षतिग्रस्त सड़क, पार्कों की दुर्दशा, बच्चों के लिए खेल मैदान का अभाव, अनियमित साफ-सफाई और अपर्याप्त जलापूर्ति तथा कानून व्यवस्था जैसी चुनौतियों पर भी उनका ध्यान आकृष्ट कराया गया।
अधिकतर वार्ड पार्षदों का कहना है कि वह लोग भी अपने वार्ड में अधिक से अधिक काम करवाना चाहते हैं, लेकिन अफसर और इंजीनियर फंड की कमी का बहाना बनाकर नगर विकास के कार्यों को रोके हुए हैं और इस क्रम में उनका पिछला 3 महीने में हुए एकमात्र बोर्ड की मीटिंग में गर्मी मौसम में 5 चापाकल बोरिंग हेतु प्रत्येक पार्षद को अनुशंसा करने का अधिकार देने की बात हुई थी, जिसे अभी तक उपलब्ध नहीं कराया गया है और बरसात आ गया है।
इसी प्रकार हर वार्ड पार्षद को 50 नया स्ट्रीट लाइट लगाने का अनुशंसा का अधिकार पर बात हुआ था जोकि अभी तक नहीं हुआ है। रांची नगर निगम का ध्यान बड़े-बड़े योजनाओं पर अधिक है, जबकि वार्ड में छोटे-छोटे विकास योजनाओं की सबसे अधिक जरूरत है, जिसे सर्वप्रथम वरीयता के आधार पर पहले निष्पादन करने की जरूरत है।
मुलाकात के क्रम में वार्ड पार्षदों ने बताया कि सबसे विचित्र स्थिति तो यह है कि वार्ड पार्षदों को रांची नगर निगम के अफसरों से मिलने के लिए मुलाकात पर्ची लिखकर देना होता है और इंतजार करना होता है, तथा अफसर के बुलाने पर ही यह वार्ड पार्षद जोकि जनता के प्रतिनिधि हैं, और इन्हें सहयोग हेतु रांची नगर निगम में नियुक्त अफसरों के आदेश के बाद ही उनके कार्यालय कक्ष में प्रवेश करने दिया जाता है, इस संस्कृति में आवश्यक सुधार की जरूरत है।
फोरम ने सभी पार्षदों को यह आश्वासन दिया कि राँची सिटीजन फोरम चर्चा, संवाद, जागरूकता एवं रचनात्मक सहयोग के माध्यम से उनके साथ सकारात्मक सहभागिता स्थापित करेगा, ताकि नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय विकसित हो तथा इसका लाभ नगर निगम के सभी 53 वार्डों की आम जनता को प्राप्त हो सके।
दिनांक 16.06.2026 से शुरू हुए इस कार्यक्रम में लगातार हम लोग सभी 53 नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों से संपर्क कर उनसे मिलेंगे, विगत दिनों में अब तक 25 वार्ड पार्षदों से मुलाकात हो चुकी है। रांची सिटीजन फोरम के प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष दीपेश निराला, उपाध्यक्ष उमाशंकर सिंह, सचिव रेणुका तिवारी, संयुक्त सचिव मनीष बक्शी, हरीश नागपाल, संतोष मृदुला, सदस्य सुजीत कुमार पांडेय, कुमार अभिषेक दुबे, राजेश कुमार, आशीष जायसवाल, इत्यादि मौजूद थे।