- एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल पुंदाग, रांची में नशा मुक्ति तथा साइबर सुरक्षा अभियान
टीम एबीएन, रांची। आर्य प्रादेशिक प्रतिनिधि सभा, झारखंड के तत्वावधान में एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल पुंदाग, रांची में साइबर सुरक्षा एवं नो नशा नेशन (नशा मुक्ति) अभियान का शुभारंभ सम्मानित अतिथि साइबर क्राइम डीएसपी प्रदीप कुमार, डीएवी पब्लिक स्कूल, रांची, जोन बी के सहायक क्षेत्रीय अधिकारी एमके सिन्हा, साइबर इंस्पेक्टर पंकज कुमार, रोहित कुमार, निर्मल कुमार महतो तथा विद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर तापस घोष के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करके किया गया।
प्राचार्य डॉ तापस घोष ने सभी सम्मानित अतिथि गण को पौधा भेंट करके उनका औपचारिक स्वागत किया। इस अभियान के तहत विद्यालय के सभी विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा एवं नो नशा नेशन के बारे में विशेष जानकारी दी गई।
इस जागरूकता अभियान के तहत साइबर क्राइम डीएसपी प्रदीप कुमार ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने इंटरनेट के माध्यम से होने वाले विभिन्न अपराध एवं धोखाधड़ी के बारे में विस्तृत जानकारी दी तथा उनके रोकथाम के उपायों के बारे में भी बताया।
साथ ही साइबर इंस्पेक्टर श्री पंकज कुमार ने नो नशा नेशन (नशा मुक्ति) के तहत नशा से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। उन्होंने कहा कि आजकल की युवा पीढ़ी गलत संगति या लालच की जाल में फंसकर नशे के गिरफ्त में आ जाते हैं जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो सकता है। साइबर इंस्पेक्टर ने नशा से बचने की नसीहत एवं उपायों के बारे में बताया।
इस अवसर पर डीएवी. पब्लिक स्कूल झारखंड जोन- बी के एआरओ .श्री एम.के .सिन्हा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आर्य युवा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष के मार्गदर्शन में पूरे देश में नो नशा नेशन (नशा मुक्ति) अभियान चलाया जा रहा है।
जिसकी शुरुआत हरियाणा से हुई।इसके तहत हरियाणा के लाखों युवाओं ने नशा को न अपनाने का संकल्प लिया । इसी प्रकार अन्य राज्यों में भी इस अभियान को आंदोलन की तरह चलाया जाएगा। झारखंड में भी एस.आर. डीएवी.पब्लिक स्कूल, पुंदाग, राँची से इस जागरूकता अभियान का शुभारंभ हुआ और पूरे झारखंड में इसे आंदोलन की तरह चलाया जाएगा।
डीएवी. सीएमसी. के परम श्रद्धेय प्रधान (पद्मश्री से सम्मानित) आर्य रत्न श्री पूनम सूरी जी के कथनानुसार ईश्वर मानव बनाते हैं तथा डीएवी. उनमें मानवता भरता है। युवा ही देश की असली संपत्ति हैं, उनके जागरूक होने से ही विकसित भारत की संकल्पना साकार हो पाएगी।नशा मुक्त भारत ही विकसित भारत का आधार बनेगा। शांतिपाठ के साथ सभा समाप्त हुई।