- एचईसी स्टेट ऑफिसर और पुलिस से न्याय की आस
- पीड़ित ने कहा- पैसे के बल पर जन वितरण प्रणाली का डीलर बनकर अवैध रूप से काबिज है आरोपी
टीम एबीएन, रांची। राजधानी राँची के धुर्वा थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। भारी इंजीनियरिंग निगम (एचईसी) के एक दिवंगत कर्मचारी का दिव्यांग बेटा अपनी बुजुर्ग मां के साथ पिछले कई दिनों से राँची की सड़कों के किनारे रहने को विवश है।
पीड़ित का आरोप है कि उसके आवंटित सरकारी क्वार्टर पर एक रसूखदार व्यक्ति ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है और विरोध करने पर उन्हें मारपीट कर जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया गया है।
मामले को लेकर पीड़ित ने 16 जून को धुर्वा थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। इससे पहले भी पीड़ित ने 27 जून 2022 और 3 अप्रैल 2026 को धुर्वा थाने में आवेदन देकर गुहार लगाई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
सड़क किनारे रात गुजारने को मजबूर
दोनों पैरों से लाचार पीड़ित संजीत कुमार और उनकी बूढ़ी मां पिछले दो दिनों से राँची की सड़कों के किनारे रहने को मजबूर हैं। एक तरफ जहां सरकार और प्रशासन दिव्यांगों और बुजुर्गों के संरक्षण के बड़े-बड़े दावे करते हैं।
वहीं राजधानी के वीआईपी इलाके धुर्वा में एक दिव्यांग अपनी ही छत के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है। पीड़ित ने थाना प्रभारी से भावुक अपील करते हुए कहा है कि इस भीषण संकट में मुझ गरीब और लाचार पर कृपा कर मेरा आवास वापस दिलाया जाए।