राज्यसभा चुनाव में परिमल नाथवानी की एंट्री, निर्दलीय पर्चा खरीदकर बढ़ायी राजनीतिक हलचल
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाला चुनाव अब और भी दिलचस्प होता जा रहा है। उद्योगपति और पूर्व राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर ली है।
शनिवार को उन्होंने नामांकन पर्चा खरीद लिया, जिसके बाद राज्य की राजनीतिक फिजा में नई हलचल तेज हो गयी है। उनकी एंट्री ने चुनावी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों की रणनीतियों पर भी असर डालना शुरू कर दिया है।
पहले भी परिमल नाथवानी कर चुके हैं राज्यसभा का प्रतिनिधित्व
परिमल नाथवानी इससे पहले भी झारखंड का प्रतिनिधित्व राज्यसभा में कर चुके हैं और राज्य के राजनीतिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। यही कारण है कि उनके चुनाव लड़ने के फैसले को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी जोरों पर है कि उन्हें कुछ दलों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष समर्थन मिल सकता है। विशेष रूप से भाजपा के समर्थन को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं, हालांकि अभी तक किसी भी दल की ओर से आधिकारिक रूप से कोई घोषणा नहीं की गयी है।
चुनाव का गणित बिगाड़ सकते हैं परिमल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि नाथवानी अपेक्षा से अधिक समर्थन जुटाने में सफल रहते हैं तो चुनाव का पूरा गणित बदल सकता है। ऐसे में कांग्रेस के उम्मीदवार प्रणव झा के लिए चुनौती बढ़ सकती है। विधानसभा में दलों की संख्या और संभावित वोटों के समीकरण को देखते हुए यह चुनाव अब पहले से कहीं अधिक प्रतिस्पर्धी नजर आ रहा है।
रोमांचक मोड पर पहुंचा राज्यसभा का चुनाव
नाथवानी की उम्मीदवारी के बाद क्रॉस वोटिंग और विधायकों की निष्ठा को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गयी हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा पहले ही खरीद-फरोख्त और दल-बदल जैसी संभावनाओं को लेकर चिंता जता चुका है।
चूंकि राज्यसभा चुनाव में मतदान विधायक करते हैं, इसलिए हर वोट की अहमियत बढ़ गयी है। फिलहाल, परिमल नाथवानी की एंट्री ने झारखंड के राज्यसभा चुनाव को रोमांचक मोड़ पर ला खड़ा किया है और आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।