Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
झारखंड

नेतरहाट की तलहटी में बसे नैना के ग्रामीणों को आ रही टूरिज्म के सपने से चिढ़

शेयर करें: WhatsApp Facebook X
नेतरहाट की तलहटी में बसे नैना के ग्रामीणों को आ रही टूरिज्म के सपने से चिढ़
विज्ञापन
  • टूरिज्म में ख्याति पाने की ख्वाहिश रखने वाले झारखंड के पेयजल के लिए तरस रहे 
  • वर्ल्ड क्लास टूरिज्म का सपना, लेकिन गांव में पानी नहीं! नेतरहाट की तलहटी में 12 दिन से प्यासे ग्रामीण 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नेतरहाट, जहां एक ओर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ठंडे मौसम के लिए देशभर में पहचान बना रहा है, वहीं उसकी तलहटी में बसे नैना गांव के लोग पिछले 12 दिनों से बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लातेहार जिले के इस आदिवासी बहुल गांव में करीब 300 की आबादी निवास करती है। गांव का एकमात्र सरकारी कुआं धंस जाने के बाद यहां 60 परिवारों के सामने गंभीर पेयजल संकट खड़ा हो गया है। 

12 दिनों से पेयजल संकट, ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी 

ग्रामीणों का आरोप है कि जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड स्तर तक के अधिकारियों को मामले की जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक राहत के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिला है। गांव में न तो पानी का टैंकर भेजा गया और न ही वैकल्पिक जलापूर्ति की कोई ठोस व्यवस्था की गयी। भीषण गर्मी के बीच महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे सुबह चार बजे उठकर करीब दो किलोमीटर दूर नदी से पानी ढोने को मजबूर हैं। 

अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप 

ग्रामीण नरेश महतो, उमेश महतो और सोनू महतो ने बताया कि पिछले कई दिनों से अधिकारी गांव पहुंचकर केवल निरीक्षण कर रहे हैं। वे फोटो खींचते हैं, समस्या सुनते हैं और जल्द समाधान का भरोसा देकर लौट जाते हैं। गांव की मनीता देवी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पानी के बिना गांव का जीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है, लेकिन प्रशासन की संवेदनहीनता लगातार बनी हुई है। 

तैयार किया जा रहा है बोरिंग का एस्टीमेट 

इस मामले में पीएचईडी एवं स्वच्छता विभाग, लातेहार के कार्यपालक अभियंता दीपक कुमार महतो ने कहा कि विभाग के संज्ञान में मामला है और अस्थायी समाधान के लिए बोरिंग का एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। 

हर घर जल के दावों पर उठे सवाल 

विडंबना यह है कि राज्य सरकार नेतरहाट को वर्ल्ड क्लास टूरिज्म स्पॉट बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन उसी क्षेत्र के ग्रामीण आज भी अपनी बुनियादी जरूरत पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। नैना गांव की स्थिति सरकार के हर घर जल अभियान के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

विज्ञापन

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 32,421