टीम एबीएन, रांची। आजसू छात्र संघ के नेतृत्व में सोमवार को श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में छात्रों की विभिन्न समस्याओं को लेकर ताला बंद कर जोरदार प्रदर्शन किया गया। आंदोलन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में काफी देर तक छात्र-प्रशासन के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
बाद में कुलपति, प्रॉक्टर एवं परीक्षा नियंत्रक मौके पर पहुंचे और छात्र प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कर प्रशासनिक भवन का ताला खुलवाया।
छात्रों की मुख्य मांग नई शिक्षा नीति (ठएढ-2020) के तहत सेशन 2023-27 के छात्रों को हो रही परेशानियों को लेकर थी।
छात्रों का आरोप है कि वर्ष 2023 में नामांकन के समय विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा यह स्पष्ट जानकारी नहीं दी गयी कि वे चार वर्षीय पाठ्यक्रम एवं ठएढ के नए नियमों के अंतर्गत अध्ययन करेंगे। साथ ही यह भी नहीं बताया गया कि प्रत्येक वर्ष दो सेमेस्टर की परीक्षाओं को मिलाकर 75 प्रतिशत पेपर पास करना अनिवार्य होगा, अन्यथा छात्रों को ईयर बैक का सामना करना पड़ेगा।
छात्र नेताओं ने कहा कि कई छात्र वर्तमान में सेमेस्टर-5 तक पहुंच चुके हैं, लेकिन अभी तक सेमेस्टर-1 से सेमेस्टर- 4 तक की अंकपत्र उन्हें उपलब्ध नहीं करायी गयी है। ऐसे में छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है, जबकि उनका शैक्षणिक सत्र वर्ष 2027 में समाप्त होने वाला है।
आंदोलन के दौरान छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने छात्रों को एनईपी का एक्सपेरिमेंट छात्र बताते हुए समस्याओं को सहने की बात कही। छात्र नेताओं ने इसे गैर-जिम्मेदाराना एवं छात्र विरोधी बयान बताया। काफी देर तक चली वार्ता और छात्रों के दबाव के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सेशन 2023-27 के सेमेस्टर-5 के छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति देने पर सहमति जतायी। इसके बाद आंदोलन समाप्त किया गया।
छात्र नेताओं ने इसे छात्र एकता और संघर्ष की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर आगे भी आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन का नेतृत्व प्रदेश सचिव राजेश सिंह, अनुष्का सिंह, शिवम सिंह, राज दुबे, योगेश महतो, बिट्टू वर्मा, रोशन नायक एवं रवि ने किया।