- तीन दिवसीय राजस्थान महोत्सव का हुआ शानदार आगाज
- चोखी ढाणी एवं आपणो जैसलमेर मुख्य आकर्षण का केंद्र
टीम एबीएन, रांची। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन पूर्वी सिंहभूम के तत्वावधान में बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में आयोजित तीन दिवसीय राजस्थान महोत्सव सम्मेलन सह मेला का भव्य शुभारंभ उत्साह एवं उल्लास के वातावरण में हुआ।
कार्यक्रम में राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक कला, संगीत एवं खान-पान की अद्भुत झलक देखने को मिली।महोत्सव के पहले ही दिन हजारों लोगों की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
कार्यक्रम में रांची से झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल, संयुक्त महामंत्री संजय सर्राफ, रांची प्रमंडलीय उपाध्यक्ष सुभाष पटवारी, परामर्शदात्री सदस्य अशोक नारसरिया, मुकेश अग्रवाल एवं दिलीप अग्रवाल विशेष रूप से शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक सरयू राय थे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्वी सिंहभूम के अध्यक्ष मुकेश मित्तल ने की।
महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत एवं सामाजिक एकता को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को अपनी परंपराओं, संस्कारों एवं सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।
साथ ही नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से परिचित कराने में भी ऐसे आयोजनों की बड़ी भूमिका होती है।राजस्थान महोत्सव के प्रथम दिन प्रसिद्ध राजस्थानी लोक गायक संजय मुकुंदगढ़ ने अपने सुमधुर लोकगीतों की प्रस्तुति देकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके गीतों पर उपस्थित दर्शक देर रात तक झूमते रहे।
वहीं रंग-बिरंगी राजस्थानी पोशाकों में सजे कलाकारों ने घूमर नृत्य, कालबेलिया नृत्य, कच्ची घोड़ी एवं कठपुतली नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर राजस्थान की जीवंत लोक संस्कृति को मंच पर साकार कर दिया।महोत्सव का मुख्य आकर्षण चोखी ढाणी एवं अपणो जैसलमेर की जीवंत थीम रही, जिसने लोगों को राजस्थान की पारंपरिक ग्रामीण संस्कृति का वास्तविक अनुभव कराया। यहां पारंपरिक साज-सज्जा, लोक वेशभूषा एवं ग्रामीण परिवेश ने सभी का मन मोह लिया।
हजारों लोगों ने चोखी ढाणी में राजस्थानी व्यंजनों का आनंद उठाया तथा मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण किया।पूरा गोपाल मैदान राजस्थानी संस्कृति, लोककला एवं पारंपरिक उत्साह से सराबोर दिखाई दिया। यह महोत्सव सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक संरक्षण एवं पारिवारिक एकता का अद्भुत संगम बनकर उभरा। उक्त जानकारी झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी।