सांसद सुखदेव भगत ने दिवंगत समाजसेवी अमरनाथ लकड़ा को दी श्रद्धांजलि, परिजनों को बंधाया ढाढ़स
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोहरदगा के प्रख्यात समाजसेवी एवं आदिवासी भाषा-संस्कृति के संवाहक स्वर्गीय अमरनाथ लकड़ा के निधन पर पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। उनके निधन की सूचना मिलते ही लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत लूथरन कंपाउंड स्थित उनके आवास पहुंचे और पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सांसद सुखदेव भगत ने स्वर्गीय अमरनाथ लकड़ा को याद करते हुए कहा कि वे केवल एक समाजसेवी ही नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और अधिकारों के मजबूत प्रहरी थे।
उन्होंने कहा कि लोहरदगा में विश्व आदिवासी दिवस मनाने की परंपरा की शुरुआत स्वर्गीय अमरनाथ लकड़ा, फादर नेम्हस और उनके संयुक्त प्रयासों से हुई थी, जो आज एक व्यापक सामाजिक और सांस्कृतिक आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय लकड़ा ने अपने पूरे जीवनकाल में कासा संस्था के माध्यम से गरीबों, जरूरतमंदों और वंचित लोगों की सेवा को प्राथमिकता दी।
समाज के कमजोर वर्गों को सहयोग पहुंचाने, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता फैलाने के साथ-साथ आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण में उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा। सांसद ने कहा कि पेसा कानून और आदिवासी अधिकारों को गांव-गांव तक पहुंचाने में स्वर्गीय अमरनाथ लकड़ा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वे लगातार जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करते रहे।
सामाजिक सरोकारों से जुड़ी उनकी सक्रियता और सरल व्यक्तित्व हमेशा लोगों को प्रेरित करता रहेगा। श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोगों ने भी स्वर्गीय अमरनाथ लकड़ा के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका निधन लोहरदगा के सामाजिक और सांस्कृतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
मौके पर सांसद के साथ आलोक साहू, शाहिद अहमद वेलू, कुणाल अभिषेक एवं सत्यजीत सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे और सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किये।