सांसद सुखदेव भगत लोक सभा एवं विधानसभा में पुरजोर ढंग से जनगणना कॉलम में सरना धर्म कोड़ शामिल करने की मांग को उठाया था
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोहरदगा इंटक अध्यक्ष सह वरिष्ठ कांग्रेस नेता आलोक कुमार साहू ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्वीट कर कहा कि झारखंड सहित पूरे देश में आदिवासी सरना धर्म के मानने वाले लगभग 80 लाख या इससे ज्यादा लोग हैं।
आदिवासियों की प्राकृतिक, धार्मिक पहचान, आस्था पूजा पद्धति और विशिष्ट रीति रिवाज के संरक्षण के लिए 2027 में होने वाले जनगणना में सरना धर्म कोड़ शामिल करने की मांग की।
श्री साहू ने कहा कि सरना धर्म के मानने वाले आदिवासी वर्षों से जनगणना कॉलम में सरना धर्म कोड़ शामिल करने की मांग करते आये हैं। लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत जब विधायक थे तो उन्होंने विधानसभा में मुख्यमंत्री प्रश्न काल में इस मामला को जोरदार ढंग से उठाया था।
श्री भगत 1 फरवरी 2021 को भारत सरकार के गृह मंत्रालय में रजिस्ट्रार जनरल जनगणना आयुक्त डॉ विवेक जोशी से मिलकर होने वाले जनगणना कॉलम में आदिवासियों के लिए सरना धर्म कोड़ अंकित करने की मांग की थी।
सांसद सुखदेव भगत सांसद बनने के बाद उनका पहला प्रश्न संसद में जनगणना कॉलम में सरना धर्म कोड़ शामिल करने की मांग को पुरजोर ढंग से उठाया था। कांग्रेस पार्टी का चुनावी मेनिफेस्टो में सरना धर्म कोड़ देने की मांग को शामिल किया गया था।
लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा था कि केंद्र में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी तो आदिवासियों के लिए जनगणना कॉलम में सरना धर्म कोड़ को शामिल करेंगे। विदित हो कि पिछले 2011 जनगणना में अन्य कॉलम था जिसमें सरना धर्म के लोग अपनी धार्मिक पहचान को अंकित कराया था लेकिन इस बार केंद्र सरकार ने अन्य कॉलम को बंद कर दिया है।