एक ही परिवार के 6 लोगों की जान गई, प्रशासन हरकत में
एबीएन न्यूज नेटवर्क, चौपारण/ हाजारीबाग। हजारीबाग के दनुआ घाटी में हुआ दर्दनाक सड़क हादसा अब सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था पर बड़ा सवाल बन गया है। शनिवार दोपहर करीब 3 बजे जीटी रोड पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने कार को पीछे से ऐसी टक्कर मारी कि पूरा परिवार पल भर में खत्म हो गया। कार में सवार छह लोगों—जिनमें तीन मासूम बच्चे भी थे—की मौके पर ही मौत हो गयी। यह परिवार धनबाद से गया एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी जिंदगी की डोर टूट गयी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गये और मौके पर चीख-पुकार मच गयी। मृतकों में कृत मांझी, प्रेम कुमार, शिव कुमार भुइयां, रूबी देवी, सोनी कुमारी और सुहानी कुमारी शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शुरूआती जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है।
इस हादसे के बाद दनुआ घाटी एक बार फिर मौत की घाटी के नाम से चचार्ओं में है। रविवार को एसपी अमन कुमार और डीटीओ बैद्यनाथ कामती ने एनएचएआई अधिकारियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया और कई सख्त निर्देश जारी किए। अवैध कट बंद करने, स्पीड लिमिट और चेतावनी बोर्ड लगाने, ब्लैक स्पॉट सुधारने और एम्बुलेंस व्यवस्था को चुस्त करने के आदेश दिए गए।
स्थानीय लोगों में आक्रोश है और वे पीड़ित परिवार के लिए मुआवजा व सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सुरक्षा में कोई ढिलाई नहीं बरती जायेगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है, लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा की हकीकत उजागर कर दी है।