एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा कि सिजुआ क्षेत्र 5 क्षेत्र अंतर्गत कनकनी कोलियरी में संचालित राम अवतार आउटसोर्सिंग कंपनी पर मजदूरों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने के गंभीर आरोप जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने लगाया है। कंपनी द्वारा हाई डंपिंग किए जाने के कारण क्षेत्र में कभी भी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
कुछ दिन पूर्व लोयाबाद 5/6 नंबर डंपिंग स्थल की जमीन में दरारें पड़ गई थीं, जिससे भू-धंसान जैसी बड़ी घटना होने का खतरा उत्पन्न हो गया था। इसके बावजूद कंपनी प्रबंधन ने फिर से उसी स्थान पर दोबारा डंपिंग कार्य शुरू कर दिया। इससे मजदूरों की जान को गंभीर खतरा बना हुआ है।
रत्नेश कुमार ने बताया कि कंपनी में कार्यरत मजदूरों को न तो पहचान पत्र (आई कार्ड) दिया गया है और न ही बीटीसी प्रशिक्षण कराया गया है ओर नहीं मजदूरों को हाई कमेटी द्वारा निर्धारित वेतन दिया जा रहा ही ओर नहीं मजदूरों का पीएफ कट रहा है, साथ ही सुरक्षा किट की भी कोई व्यवस्था नहीं दी गयी है।
यदि किसी मजदूर के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है, तो कंपनी प्रबंधन जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है और संबंधित व्यक्ति को अपना कर्मचारी मानने से भी इनकार कर देता है कि यदि कोई मजदूर आई कार्ड, वीटीसी प्रशिक्षण या सुरक्षा उपकरण की मांग करती है, तो कंपनी द्वारा उसका हाजरी रोक दिया जाता है, जिससे वे मजबूर होकर जोखिम भरे हालात में काम करने को विवश हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि लोयाबाद 5/6 नंबर क्षेत्र में रोड क्रॉसिंग कर डंपिंग का कार्य आखिर किसके आदेश पर किया जा रहा है। सरकारी सड़क को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है और न ही रात के समय लाइट की कोई व्यवस्था है, जिससे दुर्घटना घट सकता है जिसका जिम्मेवार कंपनी प्रबंधक की होगी।
इसके अलावा, कंपनी द्वारा हरे-भरे पेड़ों और हरियाली जगह में गर्म ओबी (ओवरबर्डन) गिराया जा रहा है, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। कंपनी द्वारा डीजीएमएस (खनन सुरक्षा महानिदेशालय) के नियमों की भी अनदेखी की जा रही है। हाई डंपिंग के कारण पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। वहीं, बीसीसीएल के लोयाबाद 5 नंबर के बंद पड़े चणक को काटकर उस पर भी ओबी डंप किया जा रहा है, जिससे जमीन में दरारें आ गयी थी।
यह भी आरोप है कि कंपनी में बिचौलियों के माध्यम से मोटी रकम लेकर रोजगार दिया जा रहा है, जबकि गरीब और जरूरतमंद युवाओं को रोजगार से वंचित रखा जा रहा है। यदि समय रहते इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो कंपनी की मनमानी जारी रहेगी और मजदूरों का शोषण इसी तरह होता रहेगा।