- पलामू : एके सिंह कॉलेज, जपला में महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनी
- ज्योतिबा फुले सिर्फ सामाजिक सुधारक नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांतिकारी थीं : डॉ राम सुभग
एबीएन न्यूज नेटवर्क, हुसैनाबाद, पलामू। एके सिंह कॉलेज, जपला में महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनायी गयी। जिसका अध्यक्षता कालेज के प्राचार्य डॉ राम सुभग सिंह ने किया।जबकी संचालन प्रो राहुल कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर भाषण का आयोजन किया गया, जिसका विषय था - आधुनिक भारत के निर्माता महात्मा ज्योतिबा फुले।
विद्यार्थियों में निम्न वक्ताओं ने अपने विचार रखे - राजनंदिनी कुमारी, पूजा कुमारी, शिवानी सिंह, तैयब खातून, मोनल कुमारी और सान्या कुमारी। पूर्व छात्र-सह-पत्रकार गौतम पटेल ने भी ज्योतिबा के सामाजिक सुधार के क्षेत्र में योगदान पर अपने विचार रखे। अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ० राम सुभग सिंह ने कहा कि ज्योतिबा फुले सिर्फ सामाजिक सुधारक नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांतिकारी थे।
सत्यशोधक समाज के माध्यम से इन्होंने जो राह दिखाई, उसी की नींव पर आधुनिक भारत की नींव खड़ी है। अपनी पुस्तक गुलामगिरी के माध्यम से इन्होंने मुख्य रूप से ब्राह्मणवादी एवं मनुवादी व्यवस्था पर चोट की थी। बहुजन समाज की मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक गुलामी का मुख्य स्त्रोत इन्होंने ब्राह्मणवादी धर्मग्रंथों एवं मनुवादी आचार-संहिताओ को माना।
बहुजनों का आहवान किया कि शिक्षित बनो, तार्किक बनो और ब्राह्मणवादी जंजीरों को तोड़ फेंको। शूद्रों-अतिशूद्रों एक हो जाओ। ज्योतिबा ने अपनी जीवन-संगिनी सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर लड़कियों की शिक्षा के लिए पहला स्कूल 1848 में खोला। एवं समाज मे रूढ़िवादी मनुवादी, विधवा पुनर विवाह आदि समाजिक चेतना को जगाकरक्रान्ति लाया।
इस कार्यक्रम में सैकड़ों विद्यार्थियों के अलावा निम्नांकित शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मी शामिल हुए -आईक्यूएसी समन्वयक डॉ आलोक रंजन कुमार, बर्सर प्रो शशि भूषण सिंह, प्रो मुकेश सिंह, प्रो सुधीर कुमार सिंह, विवेक कुमार, अमरेन्द्र सिंह, निखिल सिंह डॉ आलोक रंजन कुमार ने किया।