झारखंड में नहीं थम रहा जंगली हाथियों का आतंक: अब तक 25 लोगों की मौत, दहशत में लोग
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पश्चिमी सिंहभूम। जिले में जंगली हाथियों के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। सोमवार रात मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बरकुंडिया गांव में एक हाथी के हमले में पुजारी महिला चांदो देवी (56) की मौत हो गयी, जबकि एक अन्य पुजारी गंभीर रूप से घायल हो गया।
सूंड से उठाकर महिला को पटका
चांदो देवी तांतनगर प्रखंड के कुम्बराम गांव की रहने वाली थीं और पूजा-पाठ का काम करती थीं। सोमवार रात वह बरकुंडिया गांव स्थित मंदिरनुमा झोपड़ी में भोजन करने के बाद सो रही थीं। इसी दौरान जंगल की ओर से आया हाथी झोपड़ी पर टूट पड़ा।
उसने चांदो देवी को अपनी सूंड से उठाकर पटक दिया, जिससे उनकी गंभीर चोटें आयीं। साथ में मौजूद पुजारी लखन कुदादा पर भी हाथी ने हमला किया, लेकिन वह झाड़ियों में छिपकर बच निकले। ग्रामीणों ने टॉर्च और मशाल की मदद से हाथी को खदेड़कर जंगल की ओर भेजा।
गांव में डर का माहौल
चांदो देवी और घायल लखन कुदादा को तुरंत सदर अस्पताल लाया गया। रास्ते में ही चांदो देवी की मौत हो गयी, जबकि लखन कुदादा का इलाज कउव में चल रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, तीनों मिलकर पूजा-पाठ का काम करते थे। घटना से गांव में डर का माहौल बन गया है। मंगलवार सुबह वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी को जंगल की ओर खदेड़ दिया।
विभाग ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। पिछले तीन महीनों में पश्चिमी सिंहभूम जिले में हाथियों के हमले से अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य में सबसे ज्यादा हाथी इसी जिले में हैं, इसलिए मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।