Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
लाइव: 16
होम ई-पेपर देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन
झारखंड

झारखंड में शासन तंत्र कमजोर, अफसरशाही हावी : सरयू राय

शेयर करें: WhatsApp Facebook X Back to ePaper
झारखंड में शासन तंत्र कमजोर, अफसरशाही हावी : सरयू राय
विज्ञापन
  • झारखंड में शासन तंत्र कमजोर, अफसरशाही हावी : सरयू राय

एबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने रविवार को बाघमारा दौरे के दौरान राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि झारखंड में शासन तंत्र कमजोर पड़ गया है और अफसरशाही पूरी तरह हावी हो गई है, जिसके कारण योजनाओं का लाभ जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है। विधायक श्री राय कतरास तिलाटांड़ स्थित दीपक केसरी के पुत्र के वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, जहां उन्होंने नवदंपति को आशीर्वाद दिया। 

इसके बाद वे लेढ़ीडूमर स्थित आशु सिंह के आवास पहुंचे, जहां स्थानीय लोगों द्वारा उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित रह गई है। घोषणाएं बड़ी-बड़ी होती हैं, लेकिन उनका धरातल पर कोई असर नहीं दिखता उन्होंने कहा।

उन्होंने राज्य की विधि-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर हो चुकी है और प्रशासनिक तंत्र प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रहा है। सरकार को केवल घोषणा नहीं, बल्कि परिणाम भी दिखाना चाहिए। युवा मुख्यमंत्री से जनता को काफी उम्मीदें हैं, लेकिन उन पर खरा उतरना जरूरी है उन्होंने जोड़ा।
विधानसभा के प्रश्नकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देने से बचती है।

बाघमारा विधानसभा क्षेत्र के लेढ़ीडूमर में बाउंड्री वॉल से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस विषय पर सरकार संतोषजनक जवाब देने में विफल रही है। दो बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि बाउंड्री वॉल तोड़ने का आदेश बाघमारा अंचल अधिकारी द्वारा दिया गया था, लेकिन एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा हाईकोर्ट में मामला ले जाने के कारण यह मामला लंबित हो गया। 

इस प्रकरण को लेकर उन्होंने धनबाद उपायुक्त पर अवमानना का मामला विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष उठाया है, जो फिलहाल विचाराधीन है। इसके अलावा उन्होंने झारखंड की नदियों के संरक्षण के मुद्दे पर भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बाघमारा क्षेत्र में अवैध उत्खनन के कारण जमुनिया नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है, जो गंभीर चिंता का विषय है।

विज्ञापन