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अब अस्पतालों पर भी दिखने लगा रसोई गैस संकट का असर, रांची सदर अस्पताल चपेट में

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अब अस्पतालों पर भी दिखने लगा रसोई गैस संकट का असर, रांची सदर अस्पताल चपेट में
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आयुष्मान योजना वाले अस्पताल में महंगाई! सस्ता भोजन हुआ महंगा, बढ़ी कीमतों से मरीज परेशान; रसोई गैस संकट बना वजह 

टीम एबीएन, रांची। रांची का सदर अस्पताल गरीबों के लिए बड़ी राहत माना जाता है। यहां आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज मिलता है, लेकिन अब अस्पताल की आहार कैंटीन भी महंगाई की मार झेल रही है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ सकती है। 

एलपीजी गैस के दाम बढ़ने से कैंटीन चलाना मुश्किल 

रांची के सदर अस्पताल में कई सालों से आहार कैंटीन चल रही है। यहां हर दिन करीब 300 लोग खाना खाते हैं। मरीज, उनके परिजन, डॉक्टर और अस्पताल के कर्मचारी सभी के लिए यहां सस्ते दर पर भोजन मिलता है। 

इस कैंटीन को चलाने वाली एजेंसी की जिम्मेदारी है कि कम कीमत में लोगों को खाना उपलब्ध कराए। लेकिन अब एलपीजी गैस के दाम बढ़ने से कैंटीन चलाना मुश्किल हो गया है। गैस एजेंसियां कमर्शियल सिलेंडर महंगे दाम पर दे रही हैं, जिससे खर्च बढ़ गया है। 

इसी वजह से कैंटीन में खाने के दाम बढ़ा दिये गये हैं। पहले 10 में मिलने वाला समोसा अब 12 का हो गया है। वहीं चावल की कीमत भी 10 रुपये बढ़ गयी है। इससे सबसे ज्यादा असर गरीब मरीजों और उनके परिवार पर पड़ रहा है। 

अस्पताल के उपाधीक्षक ने जतायी चिंता  

कैंटीन संचालक मुकेश कुमार का कहना है कि बढ़ती लागत के कारण कैंटीन चलाना कठिन हो गया है। अगर यही स्थिति रही तो कैंटीन बंद करने की नौबत भी आ सकती है। वहीं अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह ने भी चिंता जतायी है। 

उन्होंने गैस एजेंसी से बात की, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। ऐसे में सवाल यह है कि गरीब मरीजों को सस्ता खाना कैसे मिलेगा। फिलहाल लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति सुधरेगी और खाने के दाम फिर से कम होंगे।

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