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साहेबगंज के बरहेट में जलसंकट, डीप बोरिंग की मांग

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साहेबगंज के बरहेट में जलसंकट, डीप बोरिंग की मांग
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एबीएन न्यूज नेटवर्क, साहेबगंज। जिले के बरहेट प्रखंड अंतर्गत पंचायत डोराय संथाली के ग्राम छोटा पंचकोली में पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। गांव में लगभग 50 परिवार निवास करते हैं, जिनमें आदिम जनजाति समुदाय के लगभग 276 मतदाता शामिल हैं। गांव में पांचवीं कक्षा तक का विद्यालय तथा आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित है, लेकिन पूरे गांव में स्वच्छ पेयजल की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। 

ग्रामीणों के अनुसार वे वर्षों से झरने के पानी पर निर्भर हैं। पहले यही झरना उनके लिए पानी का मुख्य स्रोत था, लेकिन अब वह नाले का रूप ले चुका है और उसका पानी गंदा हो गया है। इसके बावजूद मजबूरीवश ग्रामीण उसी पानी का उपयोग पीने और खाना बनाने के लिए कर रहे हैं। 

जिला विधिक सेवा प्राधिकार की पारा लीगल वोलिंटियर शिखा कुमारी ने बताया कि गांव में स्कूल और आंगनवाड़ी भवन तो हैं, लेकिन दोनों जगहों पर पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। स्कूल में मध्याह्न भोजन भी झरने के गंदे पानी से पकाया जाता है। कई बार शिक्षक पानी नहीं मिलने के कारण प्यासे ही स्कूल से लौट जाते हैं। आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति भी लगभग ऐसी ही है। 

उन्होंने आगे बताया कि पानी की कमी के कारण पूरे गांव के साथ-साथ विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र में बने शौचालय भी बंद पड़े हैं। ऐसे में सरकार की स्वच्छ भारत मिशन योजना का उद्देश्य यहां पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है और यह योजना ग्रामीणों के लिए बेकार साबित होती दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मियों के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। पानी के लिए उन्हें दूसरे गांवों में जाना पड़ता है और कई बार पानी लेने को लेकर विवाद की स्थिति भी बन जाती है। 

ग्रामीणों ने बताया कि हर घर नल जल योजना के तहत गांव के लगभग हर घर तक नल और पाइपलाइन लगाये गये हैं, लेकिन आज तक उनमें पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। करीब दो वर्ष पूर्व सोलर आधारित जल मीनार के निर्माण के लिए लोहे के एंगल और पाइप गांव में लाये गये थे, परंतु कार्य शुरू नहीं होने के कारण वह सामग्री अब जंग खाकर खराब हो रही है। 

ग्रामीणों के अनुसार इस समस्या की जानकारी कई बार मौखिक रूप से अधिकारियों को देने की कोशिश की गयी, लेकिन बीच में बिचौलियों की चुगलबंदी के कारण समस्या सीधे अधिकारियों तक प्रभावी रूप से नहीं पहुंच पायी। परिणामस्वरूप आज भी ग्रामीण गंदे पानी का उपयोग करने को मजबूर हैं। 

ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि इस गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए गांव में जल्द से जल्द डिप बोरिंग या स्थायी पेयजल व्यवस्था करायी जाये, ताकि ग्रामीणों, स्कूल के बच्चों और आंगनबाड़ी केंद्र को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। ग्रामीणों ने उम्मीद जतायी है कि प्रशासन इस दिशा में शीघ्र पहल करेगा।

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