झारखंड विधानसभा में उठी पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग: डॉ. नीरा यादव की पहल का पत्रकार संगठनों ने किया स्वागत
टीम एबीएन, रांची। कोडरमा की माननीय विधायक डॉ. नीरा यादव ने झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून को प्रदेश में अविलंब लागू करने की जोरदार वकालत की है। उन्होंने सदन में स्पष्ट किया कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की निष्पक्षता और सुरक्षा के लिए यह कानून अनिवार्य है।
पत्रकार संगठन के नेतृत्व ने जताया आभार
इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (आईएफडब्ल्यूजे) के राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व ने विधायक डॉ. नीरा यादव के इस साहसिक कदम की सराहना की है।
संगठन के उपाध्यक्ष गोपाल मिश्रा, उपेंद्र सिंह राठौर, मोहन कुमार, सेक्रेटरी जनरल विपिन धूलिया एवं कोषाध्यक्ष रजत मिश्रा ने संयुक्त रूप से धन्यवाद देते हुए कहा कि सदन के पटल पर इस विषय को रखना राज्य के हजारों पत्रकारों की भावनाओं का सम्मान है।
उन्होंने बताया कि आईएफडब्ल्यूजे के अध्यक्ष स्व के विक्रम राव ने जैसलमेर, राजस्थान में 2016 में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इसका मसौदा बना कर केंद्र सरकार से इसको देश में लागू करने कि मांग की थी। पत्रकार सुरक्षा कानून महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ में लागू हो चुका है।
आईएफडब्ल्यूजे के प्रदेश अध्यक्ष भारत भूषण ने डॉ. नीरा यादव का आभार प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि इस कानून को राज्य में प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द लागू किया जाये। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को कार्य के दौरान सुरक्षा की गारंटी देना और उनके विरुद्ध होने वाली हिंसा को रोकना सरकार का नैतिक उत्तरदायित्व है।
प्रमुख मांगें
- पत्रकारों के विरुद्ध हिंसा और दुर्व्यवहार को रोकने हेतु कड़े कानूनी प्रावधान।
- रिपोर्टिंग के दौरान आने वाली बाधाओं और फर्जी मुकदमों से सुरक्षा।
- फील्ड पत्रकारों के लिए सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना