एबीएन डेस्क। कोरोना से निबटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से मुस्तैद है। पिछली बार की गलतियों से सबक लेते हुए इस बार बेहतर व्यवस्था की जा रही है। यही वजह है कि निजी आउटसोर्स एजेंसियों पर निर्भरता खत्म करते हुए कोरोना से निबटने के लिए पूरी तरह से ट्रेंड प्रोफेशनल्स की मदद ली जायेगी।
इसके तहत स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अंतिम वर्ष के ट्रेंड स्टूडेंट्स की सेवाएं ली जायेंगी। इसमें अंतिम वर्ष के मेडिकल स्टूडेंट्स, एमबीबीएस डॉक्टर, इंटर्न मेडिकल स्टूडेंट्स, अंतिम वर्ष की बीएससी नर्सिंग, जीएनएम स्टूडेंट्स, आयुष-बीडीएस जैसे एलायड हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स शामिल हैं। भारत सरकार के निर्देश के बाद सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी कोविड-19 रिस्पांस प्लान (इसीआरपी) का गठन किया गया है। इन्हें हेल्थ वर्कर्स फाइटिंग कोविड-19 इंश्योरेंस स्कीम का सुरक्षा कवर भी मिलेगा। इसके साथ ही 100 दिनों तक कोरोना महामारी से निबटने के अनुभव को आगे की नियुक्तियों में प्राथमिकता दी जायेगी। काम में इनकी प्रतिबद्धता बनी रहे, इसके लिए पद के अनुसार पीजी मेडिकल स्टूडेंट्स को एक शिफ्ट के लिए 3500, जबकि बीडीएस व आयुष स्वास्थ्य कर्मियों को 800 रुपये तक सरकारी प्रोत्साहन राशि भी दी जायेगी। कोविड के इलाज में आये दिन कर्मियों व मरीजों के बीच झंझट को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग ने यह फैसला किया है।