टीम एबीएन, पलामू। नावा बाजार के पूर्व थाना प्रभारी लालजी यादव की आत्महत्या मामले में परिजनों ने पलामू एसपी-डीटीओ समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ डीआईजी को आवेदन दिया है.। इसमें अन्य अधिकारियों पर भी प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। पूर्व थाना प्रभारी लालजी यादव ने थाना परिसर में अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद सैकड़ों नाराज ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे 98 को जाम कर दिया था। ग्रामीण पलामू एसपी- डीटीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे। परिजन रात 11 बजे के करीब नावा बाजार थाना पहुंचे थे। इस दौरान लालजी यादव की पत्नी, मां, बहन, पिता, ससुर, सास समेत कई रिश्तेदार भी पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों पर कई गंभीर आरोप उन्होंने लगाए। परिजनों ने लालजी यादव के कमरे की एक-एक चीज का जायजा लिया। परिजन लालजी यादव का शव उठाने के दौरान भी नाराज हो गए। बाद में डीआईजी राजकुमार लकड़ा के हस्तक्षेप और लिखित आवेदन के बाद परिजनों ने शव को उठाने दिया। रात करीब 12:30 बजे शव उठाया जा सका। पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल भेजा गया। मजिस्ट्रेट की निगरानी में शव का पंचनामा किया गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई गई है। घटना के बाद नावाबाजार के इलाके के नाराज ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे 98 को जाम कर दिया था। सैकड़ों ग्रामीण थाना से लेकर नेशनल हाईवे तक जमा थे और एसपी समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान अधिकारी और ग्रामीणों के बीच कई बार नोकझोंक भी हुई। रात एक बजे के करीब नेशनल हाईवे 98 पर परिचालन शुरू हुआ। इस जाम में सैकड़ों की संख्या में गाड़ियां फंसी हुई थी।