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मेदिनीनगर : वार्ड 13 से धीरेन्द्र ने लगातार चौथी बार दर्ज की जीत

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मेदिनीनगर : वार्ड 13 से धीरेन्द्र ने लगातार चौथी बार दर्ज की जीत
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  • वार्ड नंबर 13 से धीरेन्द्र ने लगातार चौथा बार दर्ज की जीत
  • अपने छोटे भाई को वार्ड में भी जीत नहीं दिला सके झामुमो जिलाध्यक्ष

एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर। मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र से तीन ऐसे वार्ड पार्षद इस बार निर्वाचित हुए जो लगातार चौथा बार जीत दर्ज किया है। उनमें वार्ड पार्षद मिनी सिंह, कमर यास्मीन व धीरेन्द्र पांडेय का नाम शामिल हैं। वार्ड पार्षद धीरेंद्र पांडेय मेदिनीनगर नगर निगम के वार्ड नंबर 13 से जीत का चौका लगाया हैं।

धीरेंद्र पांडेय की इस बार की जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं कि इस बार उनके मुकाबले में सत्ताधारी दल के जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिन्हा के छोटे भाई राजेश सिन्हा चुनाव लड रहे थे पर धीरेंद्र के जीत का पहिया नहीं रूका। आमतौर पर ऐसा कम ही होता हैं जब छोटे चुनाव में लगातार इस तरह का प्रदर्शन करें। 

इस बार न सिर्फ वार्ड नंबर तेरह में बल्कि मेदिनीनगर में नगर निगम चुनाव परिणाम झामुमो के राजनीतिक सेहत के हिसाब से ठीक नहीं रहा। पार्टी ने जिस उम्मीद को लेकर मेयर पद के लिए समर्थित प्रत्याशी पूनम सिंह को उतारा था। परिणाम ठीक उसके विपरित रहा। पूनम सिंह के परिवार का वर्ष 2018 के पूर्व मेदिनीनगर नगर निकाय पर एकाधिकार रहा था।

2018 में नगर परिषद से जब मेदिनीनगर नगर निगम में प्रमोट हुआ तो भाजपा प्रत्याशी के रूप में अरूणा शंकर ने जीत दर्ज कर मेदिनीनगर नगर निगम की पहली मेयर बनीं थीं, तब यह कहा गया कि सत्ताधारी दल के प्रत्याशी होने का लाभ अरूणा शंकर को मिला था। लेकिन आठ वर्ष के बाद हुए निगम चुनाव में राजनीतिक परिस्थिति पूरी तरह बदल गयी थी। अरूणा शंकर इस बार भाजपा समर्थित प्रत्याशी थी, लेकिन भाजपा इस बार सत्ता में नहीं थी। 

चुनाव भी गैरदलीय था लेकिन भाजपा ने अरूणा पर विश्वास जताया तो वर्ष 2018 के चुनाव में निर्दलीय रह कर कड़ी टक्कर देने वाली पूनम सिंह इस बार सत्ताधारी झामुमो समर्थित उम्मीदवार थीं। झामुमो को जीत की राह आसान लग रही थी, झामुमो ने पूरी ताकत झोंकी। जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिन्हा पूरे चुनाव के दौरान स्टेयरिंग सीट पर रहे पर परिणाम चौंकाने वाले रहे।जो पूनम सिंह 2018 में निर्दलीय रह कर दूसरे नंबर पर थी।

वह सत्ताधारी झामुमो के समर्थन के बाद दूसरे से तीसरे नंबर पर चली गयी दूसरे नंबर पर कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी नम्रता त्रिपाठी रही जो पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी की पुत्री हैं।नंबर वन पर अरूणा शंकर ने अपना कब्जा बरकरार रखा। स्थिति यह रही जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिन्हा के भाई भी वार्ड का चुनाव तक नहीं जीत सके।

क्या कहते हैं चौका लगाने वाले वार्ड पार्षद 

मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 13 से नवनिर्वाचित वार्ड पार्षद धीरेन्द्र पांडेय का कहना है कि लगातार जनता के सुख-दुख में साथ रहने का प्रतिफल है कि उन्हें वार्ड नंबर 13 की जनता लगातार चौथे बार भी अपना आशीर्वाद दिया है।

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