- एचईसी आवासों की लीज नवीनीकरण में देरी से बढ़ी चिंता, प्रबंधन को सौंपा गया ज्ञापन
टीम एबीएन,रांची। हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचईसी), धुर्वा, रांची के आवासीय कॉलोनियों में रहने वाले कर्मचारियों और पूर्व कर्मचारियों के बीच इन दिनों असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। दीर्घकालीन लीज पर दिए गए आवासों के नवीनीकरण में हो रही देरी को लेकर सैकड़ों परिवार अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
इस मुद्दे को लेकर एक ज्ञापन एचईसी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को भाजपा नेता विनय जायसवाल के नेतृत्व में एचईसी कर्मचारी संघ के द्वारा सौंपा गया। जिसमें लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया अविलंब शुरू करने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि एचईसी पिछले कई वर्षों से आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है, जिसका असर न केवल संस्थान के कामकाज पर पड़ा है, बल्कि कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के जीवन पर भी दिखाई दे रहा है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 1996-97 के दौरान एचईसी प्रबंधन ने जिन आवासों का निर्माण कराया था, उन्हें कर्मचारियों को दीर्घकालीन आधार पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया था। उस समय 90 वर्षों की लीज की व्यवस्था की गई थी, जिसे 30-30 वर्षों के अंतराल पर तीन बार नवीनीकरण की शर्त के साथ लागू किया गया। इस योजना का उद्देश्य एक ओर संस्थान को आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराना था, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों को स्थायी आवासीय सुरक्षा प्रदान करना भी था।
बताया गया है कि प्रथम 30 वर्षों की अवधि पूरी होने के बाद भी लीज नवीनीकरण को लेकर प्रबंधन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इससे कर्मचारियों और उनके परिजनों में असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कई परिवारों को आशंका है कि नवीनीकरण में देरी उनके आवासीय अधिकारों को प्रभावित कर सकती है।
यह भी कहा गया है कि एचईसी परिसर में वर्तमान में कई आवास अनुपयोगी पड़े हुए हैं, जिनसे संस्थान को किसी प्रकार की आय नहीं हो रही है। यदि प्रबंधन लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित ढंग से आगे बढ़ाए, तो इससे संस्थान को आर्थिक लाभ मिल सकता है। साथ ही कर्मचारियों और पूर्व कर्मचारियों का विश्वास भी बहाल होगा।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि दीर्घकालीन लीज पर दिए गए आवासों के नवीनीकरण के लिए शीघ्र आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। कर्मचारियों का मानना है कि समय रहते सकारात्मक निर्णय लिया गया तो न केवल एचईसी की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी, बल्कि सैकड़ों परिवारों की आवासीय सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी। फिलहाल प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।