टीम एबीएन, रांची। विधानसभा में अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि केंद्र सरकार का आर्थिक सहयोग जरूरी है, लेकिन अभी तक हमें सही ढंग से सहयोग नहीं प्राप्त हुआ। 11 हजार करोड़ भी नहीं मिला। अनुदान की राशि भी काट दी जाती है। ऐसे में झारखंड के ऊपर वितीय बोझ बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भले ही केंद्र सरकार झारखंड को सहयोग न करे, लेकिन हमारे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोई कमी नहीं छोड़ी। विपक्ष कहता रहा कि सरकार का खजाना खाली है, लेकिन हमने किसी का वेतन नहीं रोका। हमने 13,000 करोड़ मईया सम्मान पर खर्च कर दिया। इसके बावजूद झारखंड के पास आज भी राशि मौजूद है।
राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा विकास
उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य सरकार की विकासोन्मुख सोच, सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता और अबुआ झारखंड के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य राज्य के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाना है। यह बजट गरीब, किसान, मजदूर, महिला, युवा, आदिवासी, दलित एवं वंचित वर्गों के सशक्तिकरण को समर्पित है।
किसानों की आमदनी बढ़ाने का प्रावधान
उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ आधार प्रदान करने के लिए पूंजीगत व्यय में वृद्धि का प्रावधान किया गया है। आधारभूत संरचना, सड़क, सिंचाई, बिजली और पेयजल योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने हेतु किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार तथा कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है।
महिलाओं का सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण हमारी सरकार की प्राथमिकता है। मंईयां सम्मान योजना, स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा तथा पोषण कार्यक्रमों के विस्तार के लिए पर्याप्त राशि का प्रावधान किया गया है। युवाओं के लिए रोजगार सृजन, कौशल विकास कार्यक्रमों का विस्तार तथा स्वरोजगार योजनाओं को गति देने का निर्णय लिया गया है।
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में विकास
स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, जिला अस्पतालों के उन्नयन, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम हेतु नयी योजनाओं का प्रस्ताव किया गया है। शिक्षा क्षेत्र में विद्यालयों की आधारभूत संरचना सुधार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा तथा उच्च शिक्षा संस्थानों को सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखा गया है।
सड़कों और आवास योजनाओं पर सरकार का फोकस
ग्रामीण विकास योजनाओं, सड़क निर्माण, आवास योजनाओं और पेयजल परियोजनाओं पर विशेष बल दिया गया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में सुधार हो सके। वित्तीय अनुशासन बनाये रखते हुए राजकोषीय प्रबंधन को सुदृढ़ करने और संसाधनों के प्रभावी उपयोग का संकल्प इस बजट में व्यक्त किया गया है। हमारा उद्देश्य विकास और सामाजिक न्याय के बीच संतुलन स्थापित करना है।