धनबाद में लोकतंत्र की मर्यादा तार-तार
वार्ड 53, 54 और 55 में खुलेआम नोट फॉर वोट का खेल
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जिले के नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वार्ड संख्या 53, 54 और 55 में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) की धज्जियां उड़ने का मामला सामने आया है।
स्थानीय निवासियों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इन वार्डों में देर रात और सुबह के वक्त वोटरों को लुभाने के लिए भारी मात्रा में नकदी (पैसा) का वितरण किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि प्रशासन की निगरानी के दावों के बावजूद यह खेल धड़ल्ले से जारी है।
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जब चुनाव आयोग ने फ्लाइंग स्क्वाड और चेक पोस्ट की व्यवस्था की है, तो फिर इतनी बड़ी मात्रा में नकदी इन क्षेत्रों तक कैसे पहुँच रही है?
- स्थानीय थाना: लोगों का आरोप है कि पुलिस की गश्त केवल मुख्य सड़कों तक सीमित है, जबकि गलियों के भीतर पैसे बांटने का काम सिंडिकेट के माध्यम से हो रहा है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त ने सख्त निर्देश जारी किए थे, लेकिन वार्ड 53-55 की जमीनी हकीकत इन आदेशों को ठेंगा दिखा रही है।
- जिम्मेदार कौन : इस स्थिति के लिए मुख्य रूप से तीन स्तरों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए:
- चुनाव आयोग के ऑब्जर्वर: क्या व्यय पर्यवेक्षक (Expenditure Observers) इन क्षेत्रों की वास्तविक रिपोर्ट देख रहे हैं?
- क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी: स्थानीय पुलिस को सूचना तंत्र (Intelligence) के माध्यम से इसकी भनक क्यों नहीं लगी?
- उम्मीदवार और दल: चुनाव जीतने के लिए अनैतिक रास्तों का चुनाव करने वाले उम्मीदवार लोकतंत्र के सबसे बड़े अपराधी हैं।