रांची। भारतीय किसान संघ ने मंगलवार को भारत माता के सच्चे सपूत जय जवान-जय किसान का उद्घोष करने वाले द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि के दिन उन्हें याद करते हुए देशभर में लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के संदर्भ में देशव्यापी आंदोलन किया।
इसी कड़ी में भारतीय किसान संघ झारखंड प्रदेश के अध्यक्ष जय सिंह के नेतृत्व में प्रदेश भर के तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपे गये। भारतीय किसान संघ केंद्रीय योजना के अनुसार झारखंड प्रदेश सभी कार्यरत जिलों में बीडीओ के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
लातेहार जिला के प्रदेश अध्यक्ष जय सिंह, खूंटी कर्रा में महामंत्री मांधीरान महतो, रांची में प्रदेश मंत्री दीपक उरांव, बुधराम मुंडा, हजारीबाग में जिला अध्यक्ष दिनेश महतो, महामंत्री नारायण कुशवाहा विजय वर्मा ने बीडीओ को ज्ञापन सौंपा और उसकी प्रतिलिपि भी प्राप्त की। संघ के झारखंड प्रदेश प्रचार प्रमुख प्रकाश नारायण सिंह ने कहा कि लागत मूल्य के साथ लाभ जोड़कर किसानों को भुगतान किया जाए।
उल्लेखनीय है कि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिलने के कारण किसान गरीब और कर्जदार होते जा रहे हैं। यद्यपि सरकार अपने ढंग से कई मदद करती है, परंतु इसका क्रियान्वयन सही ढंग से न होने से किसानों की दशा और दिशा में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। किसान लंबे समय से मांग कर रहे थे कि उसकी फसल का मूल्य लागत और उस पर लाभ जोड़कर भुगतान की व्यवस्था हो। इसके लिए कानूनी प्रावधान करते हुए क्रियान्वयन की प्रक्रिया प्रस्तुत किया जायेग। देश में जो 3 कानून बने वह अचानक प्रधानमंत्री ने वापस ले लिए। इस घोषणा से देश भर का लघु एवं सीमांत किसान स्तब्ध रह गया। उसकी सभी आशाएं धराशाई हो गयीं। भारतीय किसान संघ अहिंसक और राष्ट्रवादी संगठन है और हमेशा किसान हित में कार्य किया है। संगठन ने आंदोलन के तृतीय चरण में 1 से 10 जनवरी तक देशभर के लगभग 1,00,000 गांव में चले जन जागरण अभियान में छोटी-छोटी ग्राम सभा की और अंतिम दिन 11 जनवरी को भारतवर्ष के 513 जिला केंद्रों/ देश भर की समस्त तहसील कार्यालय में जाकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपे हैं।