टीम एबीएन, रांची। झारखंड राज्य आरोग्य समिति की बैठक आज झारखंड स्टेट आरोग्य समिति के कार्यकारी निदेशक श्री छवि रंजन की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के 21 मरीजों को मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत वित्तीय सहायता देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
कार्यकारी निदेशक, जसास की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट और अन्य गंभीर रोगों के इलाज के लिए 5 लाख से 20 लाख तक रुपए के अनुदान प्रस्तावों की समीक्षा की गई। इस बैठक में अपर कार्यकारी निदेशक श्रीमती सीमा सिंह, विभाग के आंतरिक वित्तीय सलाहकार श्री ध्रुव प्रसाद, डीआईसी डॉक्टर सिद्धार्थ सान्याल और विभाग के कई अधिकारी मौजूद थे। इस बैठक में 5 लाख रुपये से लेकर 20 लाख रुपये तक के चिकित्सीय अनुदान के कुल 21 मामलों की समीक्षा की गई।
बैठक के मुख्य अंश और स्वीकृत किए गए प्रमुख नाम निम्नलिखित हैं :
- मिताली झा (जामताड़ा), ओवरी कैंसर
- संतोष कुमार गुप्ता (गढ़वा), कैंसर (ल्यूकेमिया)
- सपन कुमार नायक (सरायकेला-खरसावां), कैंसर (जीभ का कार्सिनोमा)
- बेबी दिव्यांशु यादव (बच्चा) (पूर्वी सिंहभूम), कैंसर
- शकुंतला देवी (जामताड़ा), कैंसर (मेटास्टैटिक सर्विक्स)
- उमेश मंडल (गिरिडीह), बोन मैरो ट्रांसप्लांट
- बबीता देवी (हजारीबाग), कैंसर (मेटास्टैटिक रेक्टम)
- होरेन मंडल (जामताड़ा), कैंसर (मेटास्टैटिक ग्रेड 2)
- राशीद अंसारी (देवघर), कैंसर (गॉल ब्लैडर)
- सुनीता देवी (राँची), कैंसर (सर्विक्स)
- सावित्री दत्ता (पूर्वी सिंहभूम), स्तन कैंसर
- तिलोत्तमा कुम्हार (सरायकेला-खरसावां), कैंसर (ओवरी)
- फरजाना जन्नत (हजारीबाग), स्तन कैंसर
- मनोज कुमार रवानी (गिरिडीह), गंभीर दिमागी चोट
- राहुल रंजन (बोकारो), किडनी ट्रांसप्लांट
- अर्पण जेम्स कुजूर (बच्चा) (राँची), कैंसर
- राजो देवी (राँची), स्तन कैंसर
- मंजू देवी (राँची), स्तन कैंसर
- कोमल जायसवाल (पाकुड़), कैंसर (स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा)
- तबारक अंसारी (गिरिडीह), किडनी ट्रांसप्लांट
- कौशलेश पांडेय (गिरिडीह), कैंसर (रेक्टम)
विशेष समीक्षा एवं सत्यापन के निर्देश
पाकुड़ की कोमल जयसवाल के 10 लाख रुपये से अधिक के मामले को भौतिक सत्यापन के बाद मंत्रिपरिषद की स्वीकृति हेतु भेजने का निर्णय लिया गया है। गिरिडीह के तबारक अंसारी (किडनी ट्रांसप्लांट) और कौशलेश पांडे के मामलों में वर्तमान चिकित्सीय स्थिति के भौतिक सत्यापन के निर्देश दिये गये हैं।
महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
बैठक में कार्यकारी निदेशक ने निर्देश दिया कि भविष्य में जिलों से प्राप्त आवेदनों में मरीज की वर्तमान स्थिति का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। यदि मरीज उपस्थित होने में असमर्थ है, तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उनका सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।