टीम एबीएन, रांची। सेवा सदन के समीप माहेश्वरी धर्मशाला में अर्चक पुरोहित गोष्ठी का आयोजन हुआ। अखिल भारतीय मंदिर एवं अर्चक पुरोहित संपर्क प्रमुख अरुण नेटके ने रांची के विभिन्न मंदिरों से आये पुरोहितों और मंदिरों के ट्रस्टियों को संबोधित करते हुए कहा कि मुगल काल में मंदिरों को सुनियोजित प्रयासों से तोड़ा गया ताकि सनातन संस्कृति का नष्ट किया जा सके।
सन 1528 अयोध्या में 1,72,000 ब्राह्मणों ने अपना बलिदान दिया। 500 वर्षों के संघर्ष और 25 पीढ़ियों के बलिदान के बाद अयोध्या में श्री राम मंदिर का स्वप्न साकार हुआ है। और एक वर्ष के अंदर 23 करोड़ लोगों ने प्रभु श्री राम जी के दर्शन किये। पहले मंदिरों में जो भी पुजारी होते थे उन्हें आयुर्वेद का पूरा ज्ञान होता था और मंदिर में आये हुए लोगों को प्रसाद के रूप में दवा देते थे। इससे मंदिर में आये हुए लोगों का इलाज भी हो जाता था।
सनातन धर्म में चरणामृत का एक अलग महत्व है। चरणामृत एक चमत्कारित औषधि है बस इसकी गुणवत्ता और मात्रा का ध्यान रखना है। इसीलिए प्रसाद का अर्थ ही है प्रभु के साक्षात् दर्शन। पहले के मंदिरों में संगीत की शिक्षा भी दी जाती थी। ऐसी अवधारणा भी है कि नृत्य, गायन और वादन करने वाले लोग आनंदित और दीर्घायु होते हैं।
उन्होंने बताया कि 14 प्रकार के खाद्य पदार्थ जहरीले होते हैं इसीलिए भगवान को शुद्ध और स्वच्छ नैवेद्य चढ़ाने के लिए मंदिरों में गायों को पाला जाता था। साथ में व्यामशाला भी होता था, जिससे कि लोग अपने शरीर को बलशाली बना सकें क्योंकि दुर्बल व्यक्ति न खुद की रक्षा कर सकता है न ही धर्म की रक्षा। मंदिर हमेशा से सेवा का केंद्र रहा है और इसे बनाये रखना है। मंदिरों से मिले सेवा और संस्कार की भावना से ही पूरे विश्व का कल्याण हो सकता है।
उन्होंने लोगों को अपने देश के खान पान का उपयोग ही करना चाहिए क्योंकि विदेशी खान पान को अपनाकर हम दुर्बल और बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। कार्यक्रम में आये हुए पुरोहित और ट्रस्टियों ने भी अपने विचार और सुझाव साझा किये। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद रांची महानगर केप्रचार प्रसार सह प्रमुख अनिल तिवारी ने दी।
कार्यक्रम में प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत, प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्रा, प्रांत संगठन मंत्री चितरंजन, प्रांत प्रमुख मंदिर एवं अर्चक पुरोहित देवेंद्र गुप्ता, प्रांत सह सेवा प्रमुख अशोक अग्रवाल, स्वामी सत्यनारायण सौमित, केशव महाराज महानगर अध्यक्ष कैलाश केशरी सह मंत्री राजेश अग्रवाल अर्चक पुरोहित संपर्क प्रमुख नवीन पांडेय, सत्संग प्रमुख योगेश खेड़वाल, प्रचार प्रसार सह प्रमुख अनिल तिवारी और नगर के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन कैलाश केशरी ने किया।