टीम एबीएन, रांची। झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रवक्ता सह झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री संजय सर्राफ ने केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा संसद में प्रस्तुत वर्ष 2026 का आम बजट को संतुलित बताते हुए कहा कि समावेशी विकास, आर्थिक सुदृढ़ता और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया बजट कहा जा सकता है।
इस बजट में विशेष रूप से युवाओं, शिक्षा, रोजगार और व्यापार को प्राथमिकता दी गयी है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है। बजट में युवाओं के लिए कौशल विकास, स्टार्टअप प्रोत्साहन और रोजगार सृजन से जुड़ी योजनाओं पर जोर दिया गया है। नयी तकनीकों, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में निवेश बढ़ाने की घोषणा से युवाओं को नये अवसर मिलने की संभावना है।
शिक्षा क्षेत्र में उच्च शिक्षा, डिजिटल लर्निंग, शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने हेतु बजट प्रावधान किये गये हैं, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विस्तार होगा। रोजगार सृजन के लिए एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देने, उद्योगों को प्रोत्साहन और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।
व्यापार जगत के लिए कर प्रणाली को सरल बनाने और निवेश अनुकूल माहौल तैयार करने की पहल बजट की सकारात्मक विशेषता रही। झारखंड के लिए बजट निराशाजनक रहा सिर्फ सीआईपी के अपग्रेडेशन का सौगात मिला। कुल मिलाकर केंद्रीय बजट 2026 एक संतुलित, विकासोन्मुखी और भविष्य पर केंद्रित बजट रहा है, जो देश के विभिन्न वर्गों की अपेक्षाओं को काफी हद तक पूरा करता है।