टीम एबीएन, डेस्क। कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण ने लोक संस्कृति पर्व टुसू की धूम पर ग्रहण लगा दिया है। यह लगातार दूसरा वर्ष है कि परंपरागत टुसू मेला का आयोजन नहीं होगा। झारखंड सांस्कृतिक कला केंद्र के प्रमुख मोहन कर्मकार ने दोमुहानी सोनारी में लगने वाले मेले और मुर्गा पाड़ा को रद्द कर दिया है। जबकि झारखंड सांस्कृतिक कला मंच के प्रमुख दुलाल भुइयां ने भुइयांडीह दुर्गा पूजा मैदान में टुसू महोत्सव पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है। झामुमो नेता मोहन कर्मकार ने कहा कि उनकी कमेटी ने कोई भी उत्सव और प्रतिस्पर्धा नहीं करने का निर्णय लिया है। कमेटी की ओर से सामूहिक रूप से न तो टुसू प्रतिमा ही चौड़ल मुकाबले होंगे। मुर्गा पाड़ा भी नहीं होगा। कोई व्यक्तिगत रूप उत्सव मनाता है तो उसका कमेटी से कोई लेना-देना नहीं है। झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री एवं झामुमो नेता दुलाल भुइयां ने कहा कि भुइयांडीह दुर्गा पूजा मैदान में टुसू महोत्सव को लेकर अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए प्रतीकात्मक पूजा हो सकता है। मेला और मुर्गा पाड़ा पर कार्यकारिणी की बैठक में निर्णय लिया जाएगा। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जल्द कमेटी किसी नतीजे पर पहुंचेगी।