नगर निकाय चुनाव की घोषणा से झारखंड में सियासी हलचल तेज, भाजपा-कांग्रेस-झामुमो सक्रिय
टीम एबीएन, रांची। राज्य में नगर निकाय चुनाव की घोषणा होते ही जिले में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गयी हैं। भले ही यह चुनाव गैर दलीय हो, लेकिन नगर में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए भाजपा, कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। प्रत्याशी चयन और चुनावी रणनीति को लेकर सभी दलों में बैठकों का दौर जारी है।
सभी दावेदारों के नामों पर संगठन में विचार-विमर्श किया जायेगा
नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव को लेकर सबसे ज्यादा सक्रियता भारतीय जनता पार्टी में देखी जा रही है। झुमरी तिलैया नगर परिषद, डोमचांच और कोडरमा नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए भाजपा लगातार संगठनात्मक बैठकें कर रही है। पार्टी वार्ड स्तर से लेकर जिला स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर रही है, ताकि एक मजबूत और सर्वमान्य उम्मीदवार उतारा जा सके।
भाजपा में इस पद के लिए रमेश हर्षधर, पंकज वर्णवाल, रवि मोदी, सुषमा सुमन, विशाल भदानी और देवनारायण मोदी जैसे नामों की चर्चा है। भाजपा जिलाध्यक्ष अनूप जोशी ने बताया कि सभी दावेदारों के नामों पर संगठन में विचार-विमर्श किया जायेगा। इसके बाद सूची प्रदेश समिति को भेजी जायेगी, जहां अंतिम निर्णय लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रत्याशी को पार्टी का समर्थन मिलेगा, भाजपा पूरी ताकत के साथ उसके पक्ष में चुनाव लड़ेगी।
झामुमो भी चुनाव को गंभीरता से ले रहा है
वहीं कांग्रेस भी अपने पारंपरिक जनाधार को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाने में जुटी है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश रजक ने कहा कि पार्टी किसी योग्य और सक्रिय कार्यकर्ता को समर्थन देकर मजबूती से चुनाव लड़ेगी। उम्मीदवार का चयन आपसी विचार-विमर्श के बाद किया जाएगा। कांग्रेस का फोकस उन इलाकों पर है, जहां संगठन की स्थिति मजबूत है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा भी चुनाव को गंभीरता से ले रही है। झामुमो जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पांडेय ने बताया कि पार्टी जल्द ही अपने उम्मीदवार का नाम तय कर आधिकारिक समर्थन देगी। पार्टी नगर क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से चुनाव को एक अवसर के रूप में देख रही है। इसके अलावा नगर परिषद चुनाव में कई स्थानीय और स्वतंत्र उम्मीदवारों के नाम भी सामने आ रहे हैं।
इनमें राजेंद्र जायसवाल, नारायण वर्णवाल, मिलन शाहबादी और मुकेश भदानी जैसे नाम शामिल हैं। सभी संभावित उम्मीदवार अपने-अपने समीकरण बनाने में जुटे हुए हैं। कुल मिलाकर, भले ही नगर निकाय चुनाव गैर दलीय हो, लेकिन राजनीतिक दलों की बढ़ती सक्रियता से सियासी माहौल पूरी तरह गर्म हो गया है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे प्रत्याशियों के नाम सामने आएंगे, नगर की राजनीति और भी दिलचस्प होती जाएगी।