टीम एबीएन, रांची। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग में वृहद विज्ञान सह शिल्प और कला प्रदर्शनी सृजन का भव्य आयोजन किया गया, जिसके मुख्य अतिथि डीएसई, रांची बादल राज थे। उन्होंने फीता काटकर भव्य प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उक्त प्रदर्शनी में विद्यार्थियों के द्वारा बनाये गये लगभग 150 कलाकृतियां प्रदर्शित की गयीं, जिनमें मंडाला पेंटिंग, सोहराई पेंटिंग, मधुबनी पेंटिंग के अतिरिक्त अनेक सुंदर तैल चित्र, पोर्ट्रेट, दीपक एवं घट पेंटिंग, अनेक सुंदर पेंसिल स्केच, बोतल पेंटिंग, क्ले मॉडल और उम्दा किस्म की हस्त-शिल्पवाले साज- सज्जा की वस्तुएं प्रदर्शित की गयीं। प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण राम मंदिर का मॉडल रहा, जिसकी विशेष रूप से प्रशंसा की गयी।
विज्ञान प्रदर्शनी में अनेक सुंदर-सुंदर मॉडल प्रदर्शित किये गये। साथ ही पोस्टल विभाग, झारखंड द्वारा स्टैम्प प्रदर्शनी भी लगायी गयी। वाणिज्य विभाग के विद्यार्थियों ने अनेक उपयोगी सौंदर्य प्रशाधन यथा सौंदर्य क्रीम, साबुन, इत्र आदि के अतिरिक्त धूप वगैरह बना कर सबको मुग्ध कर दिया।
इस प्रदर्शनी के उद्घाटन सत्र में डीएवी, झारखंड जोन-बी के क्षेत्रीय पदाधिकारी सह डीएवी कपिलदेव के प्राचार्य एमके सिन्हा, जोन- जे के क्षेत्रीय पदाधिकारी सह डीएवी बरियातू के प्राचार्य संजय कुमार मिश्र, डीएवी नीरजा सहाय की प्राचार्या किरण यादव, डीएवी खूंटी के प्राचार्य मनुजेश्वर प्रसाद, डीएवी गोविंदपुर के प्राचार्य एसके पाठक, डीएवी खलारी के प्राचार्य कमलेश्वर कुमार, डीएवी.आनंद स्वामी की प्राचार्या रेशु चौधरी, डीएवी गांधी नगर के प्राचार्य प्रदीप कुमार झा, कला भवन, श्यामली की सदस्या शारदा घोष सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
उक्त प्रदर्शनी विज्ञान विभाग के वरिष्ठ शिक्षक अजय उपाध्याय तथा कला शिक्षक प्रभु दयाल रवि के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित की गयी। सभी अतिथियों ने विज्ञान सह शिल्पकला प्रदर्शनी की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
प्राचार्य डॉ तापस घोष ने प्रदर्शनी के सफल आयोजन के लिए विद्यालय के सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा पूरे डीएवी पुंदाग परिवार का धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि नयी शिक्षा नीति के तहत भी कौशल-विकास को विशेष महत्त्व दिया गया है।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में इनका अहम योगदान है। इसलिए सभी विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रयासरत रहना चाहिए। उक्त प्रदर्शनी को देखने के लिए विभिन्न डीएवी विद्यालयों के शिक्षक, विद्यार्थी तथा विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावक भी आये। लगभग दो हजार लोगों ने उक्त प्रदर्शनी का आनंद लिया।