टीम एबीएन, रांची। रांची के अग्रसेन भवन स्थित अधारतल के सभागार में रांची की धार्मिक व सामाजिक संस्था श्री हनुमान मंडल सहित अन्य धार्मिक संस्था के सदस्यों ने परम श्रधेय गुरु ब्रह्मलीन ओकारमल जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। ज्ञात हो कि 15 जनवरी को राजगढ़ के सादुलपुर गांव स्थित उनके निवास में उनका गोलोकगमन हुआ।
मौके पर रांची की धार्मिक संस्था श्री हनुमान मंडल ने गुरुवार को अग्रसेन भवन के सभागार में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। हनुमान मंडल के अध्यक्ष सजन पाडिया ने बताया कि गुरु जी के सान्निध्य में हमेशा मंडल का महोत्सव रांची में आयोजीत होता रहा। साथ ही रांची में भक्तों की संख्या हजारों में थी। निश्चित ही उनके ब्रह्मलीन होने से हम सभी को उनका मार्गदर्शन नहीं मिल पायेगा।
श्री श्याम मंडल के अध्यक्ष सी पी बांग्ला ने कहा कि गुरु की महिमा अपरंपार होती है। निश्चित ही हमारे सारे बिगड़े कार्य उनके आशीर्वाद से संपन्न होता है। गुरु मार्गदर्शक एवं कष्टों के निवारण में सहायक होते है। हजारों भक्तों को उनका प्यार और आशीर्वाद प्राप्त होता रहा है श्री श्याम मंडल के उत्सव में भी उनका आगमन होता रहा।
हमे हमेशा महसूस होगा गुरुजी आज भी हमारे बीच है वह ब्रह्मलीन है हम हमेशा उनका प्रत्येक कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति मानकर उनके मार्गदर्शन में कार्य करें यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मौके पर राजेश सारस्वत, कौशल राजगढ़िया, नरेंद्र डीडवानिया, श्रवण अग्रवाल, श्याम सुंदर बजाज ने भी अपने विचारों के माध्यम से श्रद्धांजलि उनको अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा में गुरु वंदन संकीर्तन का भी आयोजन रखा गया।
गुरु के बिना जीवन अधूरा,
हर प्रेम का दीपक जला दिया।।
धर्म का मार्ग दिखा दिया,
श्रद्धांजलि सभा में सज्जन पाड़िया, श्रवण अग्रवाल, निर्मल बुधीया, नरेंद्र डीडवानिया, कौशल राजगढ़िया, अरुण बाजोरिया, प्रमोद सारस्वत, हनुमान बेड़िया, महेश अग्रवाल, नारायण अग्रवाल, किशन गोयल, बालकिशन अग्रवाल, शाम श्याम सुंदर बजाज, संजय सर्राफ, विष्णु सोनी, मनीष सोनी, रमाशंकर बगड़िया, प्रवीण मोदी, रमन बगड़िया, श्याम मंडल के अध्यक्ष सी पी बागला, धीरज बंका, रमेश चंद्र सारस्वत, ओम प्रकाश जोशी, राजेश सारस्वत, राकेश सारस्वत, विनोद सारस्वत, मुकेश अग्रवाल, गुड्डू गोयंनका, राजेंद्र केडिया, मानिक केडिया, प्रकाश धेलिया, अनुज गाड़ोदिया, गोबिंद सारस्वत, महेश सारस्वत सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे।
ओकारमल जी शर्मा का संक्षिप्त परिचय
राजस्थान के चुरू जिला सादुलपुर में इनका जन्म ब्राह्मण परिवार में 22 फरवरी 1934 को हुआ था। प्रभु के अनन्य भक्त होने के नाते भगवान श्री श्याम की अखंड ज्योत को अन्य राज्यों में जन-जन तक आशीर्वाद के रूप में पहुंचाने का कार्य उन्होंने किया। इसी क्रम में प्रथम बार 1986 में इनका रांची आगमन हुआ। प्रभु श्री श्याम के कृपा पात्र रमेश चंद्र सारस्वत के आवास पर इन्होंने भगवान श्री श्याम की अलख ज्योत जगायी।
धीरे-धीरे इनका आगमन कई वर्षों तक लगातार रांची में हुआ साथ ही इनके काफी संख्या में शिष्य बनते चले गये। उसी क्रम में रांची की धार्मिक संस्था श्री हनुमान मंडल ने इन्हें मंडल के गुरु और संरक्षक की उपाधि देते हुए उनके संरक्षक में लगातार मंडल का महोत्सव सहित संकीर्तन का कार्यक्रम आयोजित किया जाता रहा है। आगामी 15 जनवरी 2026 को ब्रह्मलीन हुए गुरु जी के श्राद्ध कर्म एवं पगड़ी रश्म उनके राजस्थान के घर पर सम्पन्न होगा। रांची सहित झारखंड के अन्य जिलों से उनके शिष्य काफी संख्या में उनके गांव सादुलपुर जायेंगे।
जहां 26 और 27 जनवरी को एकादशाह, द्वादशा, पगड़ी रस्म में शामिल होंगे। श्री खाटू नरेश व श्री हनुमान के सच्चे भक्त श्री ओंकारमल जी शर्मा उनकी निस्वार्थ भक्त सेवा भाव, सदैव भक्तों के बीच प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। उक्त जानकारी श्री हनुमान मंडल, रांची के अध्यक्ष सज्जन पाड़िया ने दी।