टीम एबीएन, रांची। सक्षम (समदृष्टि, क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल) झारखंड द्वारा एल्टियस के सहयोग से लाइवलिहुड आॅन व्हील्स सक्षम : एक नई उड़ान कार्यक्रम के अंतर्गत पूरे झारखंड से 27 चयनित अस्थिबाधित दिव्यांगजनों हेतु न्यू मोशन इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयर वितरण कार्यक्रम सक्षम दिव्यांग सेवा केंद्र, टुनकी टोला (रिम्स के पीछे), रांची में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
यह आयोजन दिव्यांगजनों के स्वतंत्र आवागमन, आत्मनिर्भरता एवं सम्मानजनक जीवन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल के रूप में आयोजित किया गया। झारखंड राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित सत्ताईस दिव्यांगजनों को न्यू मोशन इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयर प्रदान की गयी, जो उनकी दैनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सुविचारित रूप से विकसित एक आधुनिक सहायक उपकरण है।
इसकी सुरक्षित एवं संतुलित संरचना, उपयोगकर्ता-अनुकूल इलेक्ट्रॉनिक संचालन, आरामदायक आसन व्यवस्था तथा मजबूत ढांचा दिव्यांगजनों को बिना अतिरिक्त शारीरिक श्रम के स्वतंत्र आवागमन में सक्षम बनाता है। यह उल्लेखनीय है कि एक न्यू मोशन इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयर की लागत एक लाख रुपये से अधिक है, जिसे नि:शुल्क उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भरता, सामाजिक सहभागिता और सम्मानजनक जीवन को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण सहयोग मिला।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्षम झारखंड के सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का सामूहिक योगदान रहा। इस क्रम में अजीत कुमार, अध्यक्ष, सक्षम झारखंड; प्रमोद कुमार झा, सचिव, सक्षम झारखंड; अनिल कुमार लाल, सह-सचिव एवं कार्यक्रम संयोजक; संतोष कुमार जायसवाल, सह-सचिव; गोपी का आनंद, उपाध्यक्ष; डॉ. दीपक प्रसाद, आई.एम. प्रमुख; प्रकोष्ठ प्रमुख आयाम; प्रमुख सहित सक्षम झारखंड की पूरी टीम द्वारा संगठनात्मक दायित्वों का निर्वहन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं गरिमामयी उपस्थिति: इस कार्यक्रम की अध्यक्षता चंद्रभूषण पाठक, राष्ट्रीय सह-सचिव, सक्षम ने की। कार्यक्रम में गोपाल जी, प्रांत प्रचारक, झारखंड; अमय नंदन अंबष्ट, भारतीय प्रशासनिक सेवा, राज्य आयुक्त (दिव्यांगजन), झारखंड; सूर्यमणि प्रसाद, निदेशक, समेकित क्षेत्रीय केंद्र, रांची, भारत सरकार; डॉ. विजय कुमार चौधरी, निदेशक, केंद्रीय मनोरोग संस्थान, रांची तथा डॉ. प्रभात कुमार, मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (सिविल सर्जन), रांची की गरिमामयी उपस्थिति रही।
यह कार्यक्रम सक्षम झारखंड की उस सतत प्रतिबद्धता को दशार्ता है, जिसके अंतर्गत दिव्यांगजनों के लिए महंगे सहायक उपकरणों की सुलभता, सामाजिक समावेशन एवं गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। यह आयोजन राज्य में दिव्यांगजन सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त एवं प्रेरक पहल सिद्ध हुआ।