17 जनवरी को श्राद्ध कर्म पर भी श्रद्धा सुमन अर्पण कार्यक्रम होगा
टीम एबीएन, रांची। सैनिक बाजार दुकानदार संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी के नेतृत्व में आज सैनिक बाजार परिसर के पार्किंग एरिया में दिवंगत मेजर रामायण सिंह, सैनिक बाजार के प्रथम स्टेट मैनेजर, की पुण्य स्मृति में एक भावपूर्ण शोक सभा की गयी। उपस्थित दुकानदारों एवं गणमान्य नागरिकों ने सामूहिक प्रार्थना के माध्यम से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से कामना की।
धर्मेंद्र तिवारी ने बताया कि मेजर रामायण सिंह का 5 जनवरी 2026 को प्रात: रांची में निधन हो गया। उनके पुत्र उन्हें छपरा ले गये, जहां 5 जनवरी को ही गंगा तट पर विधि-विधान से उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। उनका श्राद्ध कर्म 17 जनवरी 2026 को है। इसी दिन प्रात: 12 बजे सैनिक बाजार प्रांगण में दुकानदारों द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि जब से सैनिक बाजार की स्थापना हुई, तभी से मेजर रामायण सिंह इसके प्रथम स्टेट मैनेजर के रूप में कार्यरत रहे। उन्होंने 1987 से 2023 तक, लगभग 36 वर्षों तक, पूरी निष्ठा, अनुशासन और ईमानदारी के साथ सैनिक बाजार की सेवा की। सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका बाजार से भावनात्मक जुड़ाव बना रहा। वे दुकानदारों को अपने परिवार का हिस्सा मानते थे और घर-परिवार से अधिक सैनिक बाजार को ही अपना परिवार समझते थे।
धर्मेंद्र तिवारी ने उनके जीवन परिचय पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मेजर रामायण सिंह का जन्म 3 जनवरी 1933 को मादीपुर गांव, छपरा में हुआ था। उन्होंने 1952 में रक्षा सेवा (डिफेंस) में अपने करियर की शुरूआत की। वे चार भाइयों में से एक थे, जिनमें तीन भाई डिफेंस सेवा में रहे। उनके पिता सरयू सिंह भी रक्षा सेवा में कार्यरत थे। उनके परिवार में तीन पुत्र एवं एक पुत्री हैं, जिनमें दो पुत्र वर्तमान में देश की सेवा में डिफेंस में कार्यरत हैं।
सेवानिवृत्ति के बाद भी मेजर रामायण सिंह ने सक्रिय जीवन जिया। उन्होंने वकालत की पढ़ाई की तथा होम्योपैथिक चिकित्सा में डॉक्टरेट की डिग्री भी प्राप्त की। वे कभी भी किसी गलत या असामाजिक व्यक्ति को संरक्षण नहीं दिए बाजार की सुरक्षा, सफाई, रंगाई-पुताई एवं धुलाई व्यवस्था पर उनका विशेष ध्यान रहता था। दुकानदारों के साथ उनका रिश्ता आपसी प्रेम, विश्वास और सम्मान पर आधारित था। सामाजिक, धार्मिक एवं वैवाहिक कार्यक्रमों में वे सदैव बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे।
धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि मेजर रामायण सिंह सभी के लिए सुलभ, सरल और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति थे। उनके लिए सैनिक बाजार केवल कार्यस्थल नहीं, बल्कि उनका जीवन था और आज सैनिक बाजार का नाम लेते ही मेजर रामायण सिंह का स्मरण स्वाभाविक रूप से हो जाता है।
आज की शोक सभा में भागवत प्रसाद, (बाबू भाई) रिजवान उल हक, फिरोज भाई, जमाल भाई, विमलेश सिंह, किरण सिंह, सौरभ सुमन, संजय सिंह, शकील भाई, गुड्डू भाई, आफताब, जमील, दिनेश जी सहित बड़ी संख्या में दुकानदार एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।
अंत में सैनिक बाजार दुकानदार संघ की ओर से दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गयी। उक्त जानकारी सैनिक बाजार दुकानदार संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी (9431115714) ने दी।