झारखंड में बढ़ रही तेंदुओं की संख्या, अकेले इस क्षेत्र में मौजूद हैं सैंकड़ों!
टीम एबीएन, पलामू/ रांची। झारखंड में तेंदुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। पलामू टाइगर रिजर्व इलाके में अकेले 150 से अधिक तेंदुआ की संख्या हो गयी है। जबकि झारखंड के गोड्डा, जमशेदपुर, हजारीबाग, रांची, चतरा, कोल्हान समेत कई इलाकों में तेंदुआ के मौजूद होने के सबूत मिले।
दरअसल, पूरे देश में टाइगर ऐस्टीमेशन का कार्य चल रहा है। इसी कड़ी में बाघ, तेंदुआ समेत कई मांसाहारी जीवों की भी गिनती हो रही है। टाइगर ऐस्टीमेशन के दौरान ही तेंदुआ के मौजूद होने की सबूत मिले हैं। टाइगर ऐस्टीमेशन के लिए झारखंड में पलामू टाइगर रिजर्व नोडल है।
टाइगर ऐस्टीमेशन से जुड़े हुए सारे डाटा पलामू टाइगर रिजर्व के इलाके में जमा हो रहे हैं। टाइगर ऐस्टीमेशन से जुड़ी रिपोर्ट में पूरे राज्य के सभी इलाकों में तेंदुआ के मौजूद होने की जानकारी निकलकर सामने आयी है।
पूरे झारखंड में सबसे अधिक पलामू टाइगर रिजर्व के इलाके में तेंदुआ की संख्या बढ़ी है। 2023-24 के रिपोर्ट के अनुसार पलामू टाइगर रिजर्व की इलाके में 50 तेंदुआ के मौजूद होने की जानकारी सामने आयी थी। 2018 में जारी रिपोर्ट के अनुसार पलामू टाइगर रिजर्व की इलाके में 36 से 50 के बीच तेंदुआ की संख्या बतायी गयी।
टाइगर ऐस्टीमेशन के द्वारा पलामू टाइगर रिजर्व की इलाके में 150 के करीब तेंदुआ के मौजूद होने की जानकारी निकलकर सामने आयी है। टाइगर ऐस्टीमेशन से जुड़े हुए कैमरा ट्रैप, पग मार्क्स समेत सभी तरह के को वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट भेजा जा रहा है। डाटा के विस्तृत अध्ययन के बाद झारखंड एवं पलामू टाइगर रिजर्व की इलाके में तेंदुआ की वास्तविक संख्या की जानकारी निकलकर सामने आयेगी।
झारखंड में तेंदुआ और मानव के बीच संघर्ष में कई जान भी गयी है। दिसंबर 2022 से जनवरी 2022 के बीच पलामू टाइगर रिजर्व से जुड़े हुए गढ़वा एवं लातेहार के इलाके में तेंदुआ के हमले में पांच बच्चों की जान गयी थी। बाद में तेंदुआ को मैन ईटर की भाषा में शामिल किया गया था।
पलामू टाइगर रिजर्व ने तेंदुआ के खिलाफ कार्रवाई के लिए देश के चर्चित शूटर शफात अली खान को भी बुलाया था। हालांकि उसे दौरान तेंदुआ पर काबू नहीं पाया जा सका। अचानक तेंदुआ गायब हो गया था और दोबारा उसके मूवमेंट का पता नहीं चल पाया है।